झारखंड चैंबर के आग्रह पर राज्यभर में लगेंगे मापतौल सत्यापन शिविर, व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत
रांची : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के आग्रह पर राज्यभर में नियमित रूप से मापतौल सत्यापन शिविर आयोजित करने पर सहमति बनी है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान प्रभाग द्वारा आयोजित बैठक में विभागीय अधिकारियों और चैंबर प्रतिनिधियों के बीच मापतौल संबंधी विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में झारखंड चैंबर की ओर से उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया एवं लेबर-ईएसआई उप समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत शामिल हुए। उन्होंने विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष व्यापारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव और समस्याएं रखीं।
चैंबर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने सुझाव दिया कि विधिक माप विज्ञान विभाग, झारखंड चैंबर और जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के समन्वय से राज्यभर में नियमित मापतौल सत्यापन शिविर आयोजित करे। इससे व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले मापतौल उपकरणों के सत्यापन और नवीकरण के लिए विभागीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में पूरे झारखंड में केवल चार मापतौल निरीक्षक कार्यरत हैं, जिसके कारण व्यापारियों को समय पर सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। इस पर प्रमोद सारस्वत ने सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में मापतौल निरीक्षकों की नियुक्ति एवं पदस्थापना सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विभाग और व्यापारिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से मापतौल संबंधी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनेंगी।
चैंबर की मांग पर विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक जिले में मापतौल निरीक्षकों के कार्यालय में बैठने की तिथि और समय पहले से निर्धारित कर झारखंड चैंबर को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद स्थानीय जिला चैंबर के माध्यम से संबंधित क्षेत्र के व्यापारियों को इसकी सूचना दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक व्यापारी शिविरों का लाभ उठा सकें।
बैठक में मापतौल लाइसेंस व्यवस्था के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। इस दौरान मैन्युफैक्चरर एवं ट्रेडर के लिए वन-टाइम लाइसेंस शुल्क निर्धारित करने पर सहमति बनी। चैंबर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों को लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया में काफी सुविधा मिलेगी और कारोबार करना अधिक आसान होगा।
