मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क पर रांची पुलिस का प्रहार, स्लीपर सेल ध्वस्त; दर्जनभर बच्चे सकुशल बरामद

रांची। अंश–अंशिका प्रकरण के बाद रांची पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए तस्करों के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में मानव तस्करी से जुड़े स्लीपर सेल को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि करीब एक दर्जन बच्चों को सकुशल बरामद किया गया है।
यह बड़ी सफलता रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीमों को मिली है। मामले की पुष्टि करते हुए एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करते थे और अलग-अलग वेशभूषा अपनाकर शहर व आसपास के इलाकों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते थे। कुछ दिनों तक इलाके में घूमने के बाद वे मासूम बच्चों को निशाना बनाते और मौका पाकर उन्हें उठा ले जाते थे।
एसएसपी ने बताया कि तस्करी के बाद बच्चों को या तो दूसरे राज्यों में बेच दिया जाता था या फिर उनसे अलग-अलग स्थानों पर भीख मंगवाकर गिरोह के सदस्य अपनी आजीविका चलाते थे। यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और गुमशुदा बच्चों को खपाने का एक बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ये स्लीपर सेल आपस में गुप्त तरीके से संपर्क में रहते थे और किसी एक स्थान पर लंबे समय तक नहीं ठहरते थे, जिससे उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण था। बावजूद इसके, रांची पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार निगरानी के जरिए इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर दिया।
बरामद किए गए सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनके परिजनों की पहचान कर उन्हें जल्द सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, बाल संरक्षण इकाइयों को भी पूरे मामले में सक्रिय रूप से जोड़ा गया है।
एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि गुमशुदा बच्चों की तलाश और मानव तस्करी पर अंकुश लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि या बच्चों से जुड़े अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। रांची पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
