रांची

Chhath Puja 2026: रांची में छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, गहरे पानी वाले हिस्सों में होगी बैरिकेडिंग

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने छह प्रमुख तालाबों का किया निरीक्षण, साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था पूरी करने के निर्देश

रांची, 31 अक्टूबर। छठ महापर्व को लेकर रांची नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शनिवार को अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख तालाबों और छठ घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान गहरे पानी वाले हिस्सों को चिह्नित कर वहां बैरिकेडिंग लगाने और खतरे के निशान लगाने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त संजय कुमार समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने तालाबों की साफ-सफाई, घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। नगर आयुक्त ने संबंधित कर्मचारियों को छठ महापर्व से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया।

इन छह प्रमुख तालाबों का किया गया निरीक्षण

नगर निगम की टीम ने शहर के छह प्रमुख जलाशयों और घाटों की स्थिति देखी। इनमें शामिल हैं—

  • अरगोड़ा तालाब
  • बटन तालाब, डोरंडा
  • स्वर्णरेखा घाट, नामकुम
  • तिरिल तालाब, कोकर
  • जेल तालाब
  • चडरी तालाब

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय परिस्थितियों और तालाबों की अलग-अलग समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जरूरी इंतजाम करने पर जोर दिया।

गहरे पानी में लगेंगे बैरिकेड, खतरे के निशान भी बनेंगे

छठ पूजा के दौरान किसी तरह की दुर्घटना रोकने के लिए नगर निगम ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। तालाबों के गहरे हिस्सों की पहचान कर वहां बैरिकेडिंग की जाएगी। खतरनाक स्थानों पर चेतावनी और खतरे के निशान भी लगाए जाएंगे, ताकि व्रती और श्रद्धालु सुरक्षित दूरी बनाए रख सकें।

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि प्रत्येक तालाब की अपनी अलग चुनौतियां हैं। इसलिए स्थानीय स्थिति के अनुसार व्यवस्थाएं की जा रही हैं। छठ पूजा शाम और सुबह के समय होती है, ऐसे में घाटों पर पर्याप्त रोशनी और पानी तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है।

छठ के बाद भी उपयोगी बनाए जाएंगे तालाब

नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम का प्रयास केवल छठ महापर्व की तैयारियों तक सीमित नहीं है। तालाबों को इस तरह विकसित करने की योजना है, ताकि लोग सालभर इन सार्वजनिक स्थलों का बेहतर उपयोग कर सकें। तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ उनकी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को बनाए रखना भी प्राथमिकता है।

अतिक्रमण मुक्त सार्वजनिक स्थलों पर जोर

तालाबों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के मुद्दे पर नगर आयुक्त ने कहा कि छठ पूजा समितियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों को आम लोगों के उपयोग के लिए खुला रखना जरूरी है। उन्होंने पूजा समितियों से भी इस दिशा में सहयोग करने की अपील की।

नगर निगम का कहना है कि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए संबंधित व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

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