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हेट स्पीच केस में राहुल गांधी को चाईबासा की अदालत से सशर्त जमानत


पश्चिम सिंहभूम, 6 अगस्त – कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी को चाईबासा सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) और आपराधिक मानहानि के एक पुराने मामले में सशर्त जमानत प्रदान कर दी है।

यह मामला वर्ष 2018 में दिल्ली में आयोजित कांग्रेस पार्टी के प्लेनरी सेशन में राहुल गांधी द्वारा दिए गए एक विवादास्पद भाषण से जुड़ा है। उन्होंने उस दौरान कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेताओं के लिए “हत्यारा” और “झूठा” जैसे शब्दों का प्रयोग किया था।

भाजपा नेता प्रताप कुमार कटियार ने इस पर आपत्ति जताते हुए 9 जुलाई 2018 को चाईबासा सीजेएम कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153A, 504 और 505(2) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में यह मामला झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर चाईबासा की विशेष अदालत को सौंपा गया।


कई बार टली पेशी, अंततः अदालत में पेश हुए राहुल

इस मामले में कई बार समन जारी होने के बावजूद राहुल गांधी की ओर से पेशी से छूट की अर्जी दी जाती रही। निर्धारित तारीखों पर हाजिर न होने के कारण उनके खिलाफ पहले जमानती और फिर गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था।

हालांकि, रांची उच्च न्यायालय में दायर याचिकाएं निरस्त होने के बाद राहुल गांधी ने स्वयं ट्रायल फेस करने का निर्णय लिया और आज विशेष अदालत में न्यायाधीश सुप्रिया रानी तिग्गा के समक्ष उपस्थित हुए। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी। अब इस मामले में नियमित ट्रायल चलेगा।


क्या हैं आरोप?

राहुल गांधी के खिलाफ जिन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है, वे हैं:

  • धारा 153A: धर्म, जाति, भाषा आदि के आधार पर वैमनस्य फैलाना
  • धारा 504: जानबूझकर अपमान करना ताकि शांति भंग हो
  • धारा 505(2): समाज में वर्गों के बीच शत्रुता फैलाना

इन धाराओं के तहत यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें सजा हो सकती है।


वकीलों ने मांगी थी जमानत

राहुल गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा और दीपांकर रॉय ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अदालत ने कहा कि उन्हें ट्रायल में सहयोग करना होगा।


आगे क्या?

अब अदालत में इस केस की नियमित सुनवाई होगी, जिसमें अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत करेंगे। यह ट्रायल राहुल गांधी की राजनीतिक छवि और आगामी चुनावों के परिप्रेक्ष्य में अहम माना जा रहा है।


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