राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कांके में इग्नू के वरिष्ठ निदेशक द्वारा शिक्षण अवसर पर व्याख्यान
रांची: आज, 11 फरवरी 2026, राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कांके, रांची में “सभी के लिए शिक्षण अवसर” विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), रांची के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एस. मोहंती ने मुख्य वक्ता के रूप में की।
अपने संबोधन में डॉ. मोहंती ने कहा कि पुनरावृत्ति प्रशिक्षु शिक्षकों को श्रेष्ठ शिक्षक बनाती है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों को निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविकास के माध्यम से अपने शिक्षण कौशल को सुदृढ़ करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में इग्नू अध्ययन केंद्र के सहायक समन्वयक एवं गोस्सनर कॉलेज, रांची के बीबीए विभाग के प्राध्यापक डॉ. सुरेंद्र कुमार प्रजापति विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. चंद्रमाधव सिंह, डॉ. ओम प्रकाश, प्रो. भगीरथ आर्य, प्रो. पंकज कुमार मेहता, डॉ. समीर, डॉ. ज़खीर तथा प्रो. दुलाल चंद्र महतो भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
डॉ. मोहंती ने अपने व्याख्यान में 1985 में स्थापित इग्नू की शैक्षणिक संरचना, विस्तृत पाठ्यक्रम और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इग्नू की शिक्षण प्रणाली लचीलापन, स्वतंत्रता और सुगमता पर आधारित है। पाठ्यक्रम आवश्यकता विश्लेषण के आधार पर तैयार किए जाते हैं और वर्तमान समय की मांग के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे समसामयिक विषय भी शामिल किए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड के 17 जिलों को एक क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र के अंतर्गत संचालित किया जाता है, जिसे शिक्षार्थी अध्ययन केंद्र कहा जाता है। सत्र 2025–27 के प्रशिक्षु शिक्षकों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाई।
कुणाल वर्मा और दीपक कुमार ने मुख्य वक्ता डॉ. एस. मोहंती और विशेष अतिथि डॉ. सुरेंद्र कुमार प्रजापति का स्वागत किया। कार्यक्रम का सफल समन्वयन प्रो. भगीरथ आर्य ने किया। छात्र संसद के प्रधानमंत्री प्रशिक्षु शिक्षक प्रविंद कुमार सहित प्रशिक्षु शिक्षक विनय, प्रेम, अमन प्रभात, आकृति भारद्वाज, श्रीकांत राणा, महेश कुमार गुप्ता, देव कुमार लकड़ा, अंकित पांडेय ने भी सराहनीय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. ओम प्रकाश ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” और राष्ट्रगान के साथ गरिमापूर्ण वातावरण में हुआ।
यह व्याख्यान प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए दूरस्थ शिक्षा के विविध आयामों को समझने और भविष्य की शैक्षणिक संभावनाओं से परिचित होने का महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ।
