श्रद्धापूर्वक मनाई गई डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती
खूंटी, 15 अक्टूबर । देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती गुरुवार को मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग संस्थान में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की। इस दौरान उनके प्रेरणादायी जीवन, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया गया।
मौके पर संस्थान के निदेशक एवं शिक्षक सकलदीप भगत ने विद्यार्थियों को डॉ. कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत और आदर्श हैं। उनका जीवन सादगी, परिश्रम, अनुशासन और देशभक्ति का अनुपम उदाहरण है। अपनी प्रतिभा, ज्ञान और अथक मेहनत के बल पर उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में भारत को नई पहचान दिलाई।
सकलदीप भगत ने कहा कि भारत की रक्षा और मिसाइल तकनीक को मजबूत बनाने में डॉ. कलाम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसी कारण उन्हें ‘मिसाइल मैन’ के नाम से जाना जाता है। महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ वे उत्कृष्ट लेखक और विचारक भी थे। वर्ष 1997 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इसके बाद वर्ष 2002 में उन्होंने भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महान व्यक्तित्वों की जीवनी से सीख लेकर अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। डॉ. कलाम का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनके सपनों का भारत बनाने के लिए युवाओं को ज्ञान, विज्ञान और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित होकर आगे बढ़ना होगा।
कार्यक्रम में शिक्षिका रिया सहित संस्थान के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
