रांची

मुख्यमंत्री से मिला झारखंड चैंबर का प्रतिनिधिमंडल, उद्योग-व्यापार और रोजगार को लेकर सौंपे महत्वपूर्ण सुझाव

राज्यस्तरीय औद्योगिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि बनने का दिया न्योता, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई विस्तृत चर्चा

रांची। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में उद्योग, व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को बताया कि फेडरेशन जल्द ही एक राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसमें राज्य के सभी जिला चैंबर, उद्योगपति, व्यापारी और उद्यमी भाग लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आग्रह किया।

उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई अहम सुझाव

बैठक में उद्योग, व्यापार, निवेश, कानून-व्यवस्था, पर्यटन, रेलवे कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। चैंबर ने देवघर प्लास्टिक पार्क में उद्योगों की स्थापना को गति देने के लिए शीघ्र निवेश-अनुकूल प्लास्टिक नीति लागू करने का सुझाव दिया। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इससे झारखंड पूर्वी भारत का प्रमुख प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चैंबर राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर उनकी समस्याओं का अध्ययन कर रहा है। जियाडा और उद्योग विभाग द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रत्येक तीन माह पर राज्यस्तरीय औद्योगिक समीक्षा बैठक आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया।

सुरक्षा, सिंगल विंडो और भूमि संबंधी मुद्दे भी उठाए

चैंबर ने औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए झारखंड इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के गठन, सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने तथा छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के तहत औद्योगिक प्रयोजनों के लिए रैयत भूमि हस्तांतरण से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का आग्रह किया। इसके अलावा खासमहल भूमि को फ्रीहोल्ड करने की मांग भी रखी गई।

रेल कनेक्टिविटी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर

प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए रांची-गढ़वा रोड, रांची-कोडरमा, रांची-धनबाद तथा गोड्डा-जसीडीह के बीच फास्ट मेमू ट्रेनों का परिचालन शुरू कराने हेतु राज्य सरकार से रेल मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित करने का अनुरोध किया। साथ ही रॉयल्टी चालान व्यवस्था पूरी तरह सुचारु होने तक संवेदकों के लंबित आरए बिलों का भुगतान जारी रखने की मांग की, ताकि विकास परियोजनाओं की गति प्रभावित न हो।

पर्यटन, कर व्यवस्था और बैंकिंग सुधार पर भी सुझाव

पर्यटन विकास के लिए प्रतिनिधिमंडल ने बाबा बैद्यनाथधाम मंदिर परिसर के आसपास टूरिस्ट पुलिस और टूरिस्ट थाना स्थापित करने का सुझाव दिया। इसके अलावा साहिबगंज और डालटनगंज में ट्रैफिक थाना खोलने की आवश्यकता भी बताई गई।

होल्डिंग टैक्स वृद्धि से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए कर की दर बढ़ाने के बजाय करदाताओं की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया। वहीं, राज्य में बैंकों के कम क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात पर चिंता जताते हुए व्यापार, उद्योग, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र को अधिक ऋण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार से बैंकिंग संस्थानों के साथ समीक्षा बैठक करने का आग्रह किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और विभिन्न विषयों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने विशेष रूप से संताल परगना और पलामू प्रमंडल के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

ये रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल

प्रतिनिधिमंडल में चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया और राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, कोयलांचल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा, पलामू के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष उदयशंकर दुबे, साउथ छोटानागपुर प्रमंडल के रमेश कुमार चिनी, नार्थ छोटानागपुर प्रमंडल के विनय अग्रवाल तथा पलामू चैंबर के अध्यक्ष आनंद शंकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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