डूरंड कप-2026 की मेजबानी करेगा रांची, पहली बार मिलेगा एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट का रोमांच
26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में होंगे मुकाबले, एक क्वार्टर फाइनल भी खेला जाएगा
रांची, 01 जुलाई। झारखंड की राजधानी रांची पहली बार देश के प्रतिष्ठित डूरंड कप-2026 की मेजबानी करने जा रही है। एशिया के सबसे पुराने और दुनिया के तीसरे सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट के 135वें संस्करण के लिए रांची को मेजबान शहर के रूप में चुना गया है। इसे झारखंड के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जो राज्य में फुटबॉल के बढ़ते प्रभाव और खेल अवसंरचना के विकास को नई पहचान देगा।
26 जुलाई से शुरू होंगे रांची में मुकाबले
डूरंड कप-2026 का शुभारंभ 25 जुलाई से होगा, जबकि रांची में प्रतियोगिता के मुकाबले 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में खेले जाएंगे। यहां लीग चरण के कई रोमांचक मैचों के अलावा एक क्वार्टर फाइनल मुकाबले का भी आयोजन होगा। इससे झारखंड के फुटबॉल प्रेमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमों का खेल अपने शहर में देखने का अवसर मिलेगा।
इन टीमों पर रहेंगी सभी की निगाहें
रांची में होने वाले मुकाबलों में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की टीम जमशेदपुर एफसी, स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली, भारतीय वायुसेना फुटबॉल टीम तथा पहली बार डूरंड कप में हिस्सा ले रही श्रीलंका सशस्त्र बलों की टीम डिफेंडर्स एफसी सहित कई टीमें मैदान में उतरेंगी। इन टीमों की मौजूदगी से प्रतियोगिता का स्तर और प्रतिस्पर्धा दोनों ही काफी रोमांचक रहने की उम्मीद है।
पांच शहरों में होंगे डूरंड कप के मुकाबले
इस वर्ष डूरंड कप में कुल 24 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता के मैच कोलकाता, रांची, इम्फाल, शिलांग और गुवाहाटी में आयोजित किए जाएंगे। वहीं, टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेला जाएगा।
झारखंड में फुटबॉल को मिलेगा नया आयाम
रांची को मेजबानी मिलने से राज्य में फुटबॉल को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी, खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और खेल अवसंरचना के साथ-साथ खेल पर्यटन को भी नई गति मिलने की संभावना है। आयोजकों को उम्मीद है कि रांची में होने वाले मुकाबलों के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे, जिससे यह आयोजन राज्य के लिए यादगार साबित होगा।
