झारखंड के 35 हजार से अधिक विद्यालयों में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 50 लाख से अधिक छात्र-शिक्षकों ने की भागीदारी
रांची: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी), रांची के निर्देशानुसार 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य के 35 हजार से अधिक सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में सामूहिक रूप से योग दिवस का आयोजन किया गया। इस राज्यव्यापी अभियान में 50 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शारीरिक शिक्षा शिक्षकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
राज्यभर में आयोजित इस व्यापक कार्यक्रम ने योग को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया और पूरे झारखंड को योगमय बना दिया।
16 जून से ही शुरू हो गई थी तैयारियां

विद्यालयों में योग दिवस की तैयारियां 16 जून से ही प्रारंभ कर दी गई थीं। इसके लिए राज्य के प्रत्येक विद्यालय से एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक एवं एक नामित नोडल शिक्षक को कॉमन योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि सभी विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुरूप योगाभ्यास कराया जा सके।
विभाग के निर्देशानुसार 21 जून को प्रातः 7 बजे से 9 बजे तक राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय खुले रहे, जहां निर्धारित समय पर सामूहिक योग कार्यक्रम एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन किया गया।
योगाभ्यास के साथ हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएं

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना के साथ किया गया। इसके बाद चालन क्रियाएं, विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं शांति पाठ के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास कराया गया।
इसके अलावा विद्यालयों में योग आधारित भाषण, निबंध लेखन, चित्रकला, स्लोगन लेखन, प्रश्नोत्तरी तथा अन्य जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।
योग स्वस्थ और संतुलित जीवन की आधारशिला : धीरसेन ए. सोरेंग
इस अवसर पर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग ने कहा कि झारखंड के विद्यालयों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का अनुशासित एवं व्यापक आयोजन अत्यंत सराहनीय है।
उन्होंने कहा, “योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्म-अनुशासन और संतुलित जीवन की आधारशिला है। इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ प्रत्येक व्यक्ति को बचपन से ही योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने की प्रेरणा देती है।”
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से विद्यालयों में नियमित योगाभ्यास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
‘योगमय झारखंड’ की दिखी झलक

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छोटे-छोटे गांवों से लेकर शहरों तक स्थित विद्यालयों में योग के प्रति अद्भुत उत्साह देखने को मिला। नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर युवा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षकों ने पूरे जोश, अनुशासन और समर्पण के साथ योगाभ्यास किया।
राज्य के कोने-कोने में एक साथ आयोजित इस सामूहिक कार्यक्रम ने पूरे झारखंड को सचमुच “योगमय झारखंड” का स्वरूप प्रदान कर दिया।
