दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, नेमरा में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी समाज के महानायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए रांची की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। एयरपोर्ट से लेकर मोरहाबादी स्थित उनके आवास तक सड़क के दोनों ओर श्रद्धालु भावुक होकर उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहे। हर चेहरे पर शोक की लकीरें और आंखों में आंसू थे।
राज्य के कोने-कोने से रांची पहुंचे लोग
राज्यभर से आए लोग रांची एयरपोर्ट पर गुरुजी के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। आम हो या खास, सभी ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था— “जब तक सूरज चांद रहेगा, गुरुजी शिबू सोरेन का नाम रहेगा।” पूरा रास्ता “वीर शिबू सोरेन अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।
मोरहाबादी आवास पर अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
शिबू सोरेन के मोरहाबादी स्थित आवास के पास हजारों की संख्या में उनके समर्थक अंतिम दर्शन के लिए कतारबद्ध खड़े थे। आदिवासी छात्रावास की छात्राएं भी सड़क के दोनों ओर श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद रहीं। इस दौरान राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद और सुदिव्य कुमार सोनू भी आवास पर पहले से उपस्थित थे।
नेमरा में होगा अंतिम संस्कार
गुरुजी का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर झामुमो पार्टी कार्यालय और विधानसभा में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री जोएल ओराम भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। वे सोमवार देर शाम रांची पहुंच चुके हैं।
एयरपोर्ट पर मौजूद रहे कई प्रमुख नेता
गुरुजी के पार्थिव शरीर के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर कैबिनेट मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, विधायक हेमलाल मुर्मू, निशात आलम, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, सुरेश पासवान, राजेश कच्छप, श्वेता सिंह, राम सूर्या मुंडा, नमन विक्सल कोंगाड़ी, विकास सिंह मुंडा, ममता देवी, निरल पूर्ति, उमाकांत रजक सहित अनेक नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे।
