अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर डालसा की जागरूकता मुहिम, युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
रांची। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह कार्यपालक अध्यक्ष एवं झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), रांची ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर रिनपास, सीआईपी, प्रोबेशन होम सहित सभी लीगल एड क्लीनिकों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।
नशा स्वास्थ्य और समाज दोनों के लिए घातक : राजेश कुमार सिन्हा
रिनपास और सीआईपी में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, डॉ. रूपा घोष, डॉ. सजल ए. नाग, पीएलवी भारती देवी, शारदा देवी, चालक राजा वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि नशा निषेध दिवस मनाने का उद्देश्य समाज को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि नशे के कारण शारीरिक कमजोरी, मानसिक तनाव, अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। वहीं नशीली सुइयों के साझा उपयोग से एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
योग, खेल और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की सलाह
डॉ. रूपा घोष ने कहा कि नशा परिवारों के टूटने, घरेलू हिंसा और अपराधों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है। उन्होंने लोगों से नशे के दुष्परिणामों की जानकारी स्वयं लेने और अपने परिवार व मित्रों को भी जागरूक करने की अपील की। उन्होंने मानसिक तनाव और अवसाद से बचने के लिए योग, ध्यान और खेलकूद को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी।
दोस्तों के दबाव में न करें नशे की शुरुआत
डॉ. सजल ए. नाग ने कहा कि कई युवा साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) में आकर नशे की शुरुआत कर देते हैं। उन्होंने युवाओं से ऐसे लोगों की संगति से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
छात्रों ने बनाई नशा विरोधी पेंटिंग
कार्यक्रम के दौरान कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नशा मुक्ति विषय पर आकर्षक पेंटिंग तैयार कर प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर डालसा और सीआईपी के अधिकारी, कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
