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बाबा आम्रेश्वर धाम का श्रावणी मेला 30 जुलाई से, तैयारियां पूरी; जर्जर डायवर्सन बना बड़ी चिंता

खूंटी, 26 जुलाई। खूंटी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा आम्रेश्वर धाम में इस वर्ष का श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा। एक महीने तक चलने वाले इस मेले में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने पहुंचेंगे। श्रावण मास में निकलने वाली कांवर यात्रा के दौरान आम्रेश्वर धाम आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी झारखंड के अलावा बिहार, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालु बनई नदी से पवित्र जल लेकर बाबा आम्रेश्वर का जलाभिषेक करेंगे। पूरे मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” के जयघोष से भक्तिमय माहौल रहेगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बढ़ावा

श्रावणी मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मेले के दौरान पूजा सामग्री, खानपान, कपड़े, खिलौने और अन्य सामानों की सैकड़ों अस्थायी दुकानें सजती हैं। झूले और मनोरंजन के साधन भी लगाए जाते हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। खास बात यह है कि विभिन्न समुदायों के लोग इस मेले में व्यापार और सेवाओं के माध्यम से अपनी आजीविका कमाते हैं, जो सामाजिक समरसता की मिसाल है।

प्रशासन ने तेज की तैयारियां

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

उपायुक्त मो. जावेद हुसैन और पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। प्रबंध समिति के महामंत्री मनोज कुमार ने बताया कि मेले की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, उन्होंने बनई नदी पर बने जर्जर डायवर्सन को सबसे बड़ी चिंता बताया।

जर्जर डायवर्सन से बढ़ी परेशानी

श्रावणी मेले से पहले खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग की खराब स्थिति प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। करीब एक वर्ष पहले बनई नदी पर बना मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका पुनर्निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

यातायात बनाए रखने के लिए लगभग 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया डायवर्सन महज छह महीने में ही जर्जर हो गया। लगातार हो रही बारिश के कारण इसकी स्थिति और खराब होती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सावन के दौरान भारी बारिश होती है और डायवर्सन बह जाता है या बंद हो जाता है, तो खूंटी-सिमडेगा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। इससे श्रावणी मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

लोगों की मांग

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि श्रावणी मेले के शुभारंभ से पहले डायवर्सन की मरम्मत कर उसे मजबूत बनाया जाए तथा मुख्य पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुगम और निर्बाध बनी रहे।

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