गवर्नर रोड पर कोयल नदी में उच्चस्तरीय पुल की मांग तेज, ग्रामीणों ने सरकार से जल्द निर्माण शुरू कराने की अपील
पलामू, 26 जुलाई। पलामू और गढ़वा जिले को जोड़ने वाले ऐतिहासिक गवर्नर रोड पर कोयल नदी में उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग को लेकर रविवार को गवर्नर रोड के समीप ग्रामीणों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में दोनों जिलों के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से राज्य सरकार से पुल निर्माण को तत्काल स्वीकृति देने और शीघ्र कार्य शुरू कराने की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने बताया कि ब्रिटिश शासनकाल में गवर्नर के काफिले द्वारा इस मार्ग का उपयोग किए जाने के कारण इसे गवर्नर रोड के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में यह सड़क पलामू और गढ़वा के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, लेकिन कोयल नदी पर पुल नहीं होने से हजारों लोगों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
पुल बनने से घटेगी दूरी, आवागमन होगा आसान
ग्रामीणों ने बताया कि गढ़वा जिले के कांडी, श्रीनगर, पांडू, मझिआंव, भवनाथपुर और केतार सहित कई क्षेत्रों के लोगों के साथ-साथ बिहार के रोहतास जिले के सीमावर्ती गांवों के लोगों को मोहम्मदगंज रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए भीम बैराज के रास्ते करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पुल बनने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
बैठक में कहा गया कि सुंडीपुर मुख्य पथ से मोहम्मदगंज गवर्नर रोड पर कोयल नदी में उच्चस्तरीय पुल बनने से कांडी, श्रीनगर और पांडू क्षेत्र का सीधा संपर्क बिहार में सोन नदी पर निर्माणाधीन पुल से जुड़ जाएगा। इससे मोहम्मदगंज–डेहरी–औरंगाबाद मार्ग तक मात्र 14 से 15 किलोमीटर में सीधी पहुंच संभव होगी।
पांच राज्यों को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क
वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित पुल बनने से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। डेहरी–औरंगाबाद–मोहम्मदगंज–गढ़वा मार्ग पर चलने वाले वाहनों की दूरी लगभग 80 से 100 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे बस, ट्रक, ट्रैक्टर समेत सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन सुगम होगा और व्यापार, रोजगार तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
रेलवे स्टेशन तक पहुंच होगी आसान
ग्रामीणों ने कहा कि मोहम्मदगंज रेलवे स्टेशन गढ़वा जिले के कई प्रखंडों और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के हजारों लोगों का प्रमुख रेलहेड है। पुल बनने के बाद लोगों को रेलवे सुविधा का लाभ आसानी से मिलेगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विधानसभा में उठ चुका है मामला
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को जनप्रतिनिधि लगातार उठाते रहे हैं। विधायक नरेश सिंह ने भी इसे विधानसभा में प्रमुखता से उठाया है, लेकिन अब तक पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने सरकार से अविलंब परियोजना को स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।
बैठक में सी. बी. रमण सिंह, नर्वदेश्वर सिंह, सच्चिदानंद पाठक, सुनेश राम, सीताराम तिवारी, उपेन्द्र पांडेय, विनोद पासवान, मनोज कुमार सिंह, मुन्ना चौधरी, रौशन कुमार, वंशरोपण सिंह, राजकुमार मेहता, कांडी के पूर्व मुखिया विनोद प्रसाद, सोनू सिंह, मो. इदरीश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
