रांची पहुंची 135वें डूरंड कप की ट्रॉफी, भव्य समारोह में हुआ स्वागत

रांची : एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट 135वें डूरंड कप-2026 की ट्रॉफी का शनिवार को राजधानी रांची में भव्य स्वागत किया गया। दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन स्थित केरकेट्टा ऑडिटोरियम में आयोजित ट्रॉफी शोकेस समारोह में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर डूरंड कप ट्रॉफी के साथ प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का भी प्रदर्शन किया गया।
समारोह में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, खेल विभाग के पदाधिकारी, फुटबॉल प्रेमी, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ट्रॉफी शोकेस के दौरान उपस्थित लोगों ने ऐतिहासिक ट्रॉफियों का अवलोकन किया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
मुख्य अतिथि सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी कर अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि डूरंड कप जैसे ऐतिहासिक टूर्नामेंट का रांची में आयोजन राज्य के लिए गर्व का विषय है। इससे राज्य के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने की प्रेरणा मिलेगी और झारखंड में फुटबॉल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रांची में लगातार बड़े राष्ट्रीय आयोजनों के होने से झारखंड देश के प्रमुख खेल केंद्रों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
इस अवसर पर आईबीजी-23 के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने कहा कि डूरंड कप केवल एक फुटबॉल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय सेना की गौरवशाली खेल परंपरा और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने खेल प्रेमियों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि 135वें डूरंड कप-2026 के मुकाबले 26 जुलाई से 16 अगस्त तक रांची के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में खेले जाएंगे। टूर्नामेंट में देश के शीर्ष फुटबॉल क्लबों और सर्विसेज टीमों की भागीदारी रहेगी, जिससे मुकाबले बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
वर्ष 1888 में शुरू हुआ डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना तथा विश्व के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक माना जाता है। लगातार मेजबानी के कारण रांची भारतीय फुटबॉल के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
