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विश्व आदिवासी दिवस समारोह इस बार दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित


चाईबासा में होगा भव्य आयोजन, 20 हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना

पश्चिम सिंहभूम, 6 अगस्त : इस वर्ष का विश्व आदिवासी दिवस समारोह आदिवासी समाज के महान नेता, झारखंड आंदोलन के अग्रणी और राज्य के निर्माता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को समर्पित किया गया है। यह जानकारी विश्व आदिवासी दिवस आयोजन समिति कोल्हान, चाईबासा के अध्यक्ष इपिल सामड ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में दी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं, लेकिन इसी बीच दिशोम गुरु के निधन से आदिवासी समाज गहरे शोक में डूब गया। ऐसे में इस बार का आयोजन उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित किया जाएगा।

सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन मैदान बनेगा आयोजन स्थल

यह ऐतिहासिक आयोजन चाईबासा के सिंहभूम स्पोर्ट्स एसोसिएशन मैदान में 9 अगस्त को संपन्न होगा, जिसमें 20 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस कार्यक्रम में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, किरीबुरु, गुवा, मनोहरपुर समेत आसपास के क्षेत्रों से हो, उरांव, संथाल, मुंडा, लोहरा, भूमिज, बिरहोर, मानकी-मुंडा आदि 40 से अधिक आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

पारंपरिक पूजा और सांस्कृतिक प्रस्तुति से होगी शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत समाज के पारंपरिक पहान और दिउरी की ओर से सामूहिक पूजा से होगी, जिसमें सुख, समृद्धि और शांति की कामना की जाएगी। आयोजन स्थल को पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजाया जाएगा, जिससे आदिवासी अस्मिता का संदेश पूरे समाज को मिलेगा।

विविध कार्यक्रमों की होगी भरमार

  • शहीदों और आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि
  • आदिवासी कला, संस्कृति और परंपरा की झलक
  • समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों का सम्मान (खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, संस्कृति आदि)
  • जेपीएससी में सफल अभ्यर्थियों को मंच पर सम्मान
  • 100 से अधिक स्टॉल – आदिवासी व्यंजन, परिधान और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी
  • भोजन व्यवस्था – सुबह 11 बजे से अंतिम व्यक्ति तक
  • लाइव प्रसारण – समारोह का सीधा प्रसारण विभिन्न माध्यमों से किया जाएगा

महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा

कार्यक्रम के दौरान समाज के सामने खड़ी चुनौतियों पर भी गंभीर विचार-विमर्श होगा। इसमें आदिवासी समाज का भविष्य, भाषा और लिपि का संरक्षण, स्थानीय और नियोजन नीति, धर्मांतरण, पारंपरिक व्यवस्था जैसे विषयों पर वक्ताओं द्वारा विचार रखे जाएंगे।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

समारोह में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, मंत्री दीपक बिरूवा, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, सांसद जोबा मांझी, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, विधायक दशरथ गागराई, सुखराम उरांव, सोनाराम सिंकू, जगत माझी, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन सहित कई गणमान्य अतिथि, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।

प्रेस वार्ता में मौजूद रहे

प्रेस वार्ता के दौरान आयोजन समिति के उपाध्यक्ष लालू कुजूर, सचिव रवि बिरूली, सह सचिव अशोक कुमार नाग, कोषाध्यक्ष संजय लागुरी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।


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