Home

नेमरा की क्रांतिकारी भूमि दादा और बाबा के संघर्ष की है गवाह : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन


रांची, 07 अगस्त । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद, दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार बुधवार को उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी और श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने इस भावुक क्षण में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर पिता को याद किया। उन्होंने लिखा, “नेमरा की यह क्रांतिकारी और वीर भूमि, दादाजी की शहादत और बाबा के अथाह संघर्ष की साक्षी रही है। यहां के जंगलों, नालों-नदियों और पहाड़ों ने क्रांति की हर गूंज को सुना है और हर कदम, हर बलिदान को संजोकर रखा है।”

मुख्यमंत्री ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए आगे लिखा, “नेमरा की इस पवित्र भूमि को शत-शत नमन करता हूं। वीर शहीद सोना सोबरन मांझी अमर रहें, और झारखंड राज्य के निर्माता वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें।”

गौरतलब है कि नेमरा गांव स्वतंत्रता संग्राम और झारखंड आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यही वह भूमि है जहां से आदिवासी चेतना और जन अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की गई। दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन भी संघर्ष, जनसेवा और आंदोलन की मिसाल रहा है।

अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने नम आंखों से अपने नेता को विदाई दी। राज्य सरकार के मंत्री, विधायक, अधिकारीगण, पार्टी कार्यकर्ता और आम जन भी इस अंतिम विदाई में शामिल हुए।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *