रांची में फूटा फुटपाथी दुकानदारों का गुस्सा, अटल मार्केट से अल्बर्ट एक्का चौक तक गूंजा विरोध

Ranchi : राजधानी रांची में गुरुवार को फुटपाथ पर ठेला-रेहड़ी और छोटी दुकान लगाकर गुजारा करने वाले सैकड़ों वेंडर्स सड़क पर उतर आए। अटल वेंडर मार्केट से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक हाथों में तख्तियां और बैनर लिए उन्होंने आक्रोश मार्च निकाला। यह प्रदर्शन भारतीय हॉकर महासंघ के बैनर तले किया गया। दुकानदारों का साफ कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के नगर निगम प्रशासन की मदद से उनकी दुकानों को हटाया जा रहा है, जिससे उनका रोज का कारोबार ठप हो रहा है।
“रोजी-रोटी पर आफत आ गई है”
प्रदर्शन में शामिल वेंडर रवि पासवान ने कहा कि वे लोग वर्षों से फुटपाथ पर दुकान लगाकर परिवार चला रहे हैं। लेकिन इन दिनों हालात ऐसे हो गए हैं कि हर सुबह डर के साथ दुकान लगानी पड़ती है। उनका कहना है कि नगर निगम की टीम अचानक पहुंचती है और दुकानें हटा देती है। रवि पासवान ने कहा, “हम लोग कोई अवैध काम नहीं कर रहे। बस अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। अगर दुकान ही नहीं लगाने देंगे तो हम जाएंगे कहां?”
“न नोटिस, न जब्तीनामा”
डोरंडा क्षेत्र के वेंडर नेता मो. शफीक ने आरोप लगाया कि नगर निगम की कार्रवाई कानून के खिलाफ है। उनका कहना है कि 2014 के केंद्रीय कानून और 2017 के झारखंड सरकार के कानून के मुताबिक बिना पूर्व नोटिस दिए फुटपाथी दुकानदारों को नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने कहा कि न तो पहले से कोई सूचना दी जाती है और न ही जब सामान जब्त किया जाता है तो उसका कोई कागज दिया जाता है। इससे दुकानदारों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
पांच साल से नहीं बनी टाउन वेंडिंग कमेटी
मो. शफीक ने यह भी कहा कि पिछले पांच वर्षों से रांची नगर निगम क्षेत्र में टाउन वेंडिंग कमेटी यानी TVC का गठन नहीं किया गया है।
टाउन वेंडिंग कमेटी का काम होता है:
हर पांच साल में वेंडर्स का सर्वे करना
पात्र लोगों को वेंडिंग सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड देना
शहर में वेंडिंग और नो-वेंडिंग जोन तय करना
वेंडर्स और प्रशासन के बीच विवाद सुलझाना
पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं के तहत लोन दिलाने में मदद करना
वेंडर्स का कहना है कि अगर TVC ठीक से काम करे तो इस तरह की रोज-रोज की कार्रवाई से बचा जा सकता है।
प्रशासन से बातचीत की मांग
प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने मांग की है कि नगर निगम कानून के अनुसार काम करे, पहले नोटिस दे और TVC का गठन जल्द से जल्द करे। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि फुटपाथी दुकानदार शहर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं। ऐसे में उनके पुनर्वास और व्यवस्थित व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि शहर की व्यवस्था भी बनी रहे और गरीबों की रोजी-रोटी भी सुरक्षित रहे।
