अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम में विशेष योग शिविर आयोजित
रांची: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर परम पूज्य डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में निवासरत 50 से अधिक निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद प्रभुजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग प्रशिक्षक अरविंद पांडेय ने सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
योग सत्र के उपरांत सभी आश्रमवासियों के बीच जूस एवं पौष्टिक आहार का वितरण किया गया।
इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी तथा ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम का माध्यम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक जीवन पद्धति है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवन में योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित तथा आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने का सशक्त माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता एवं अनेक बीमारियों से बचाव संभव है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ, प्रसन्न और ऊर्जावान बना रहता है।
ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में निवासरत निराश्रितों एवं जरूरतमंद प्रभुजनों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिदिन प्रातःकाल नियमित रूप से योग एवं प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा के साथ-साथ स्वस्थ एवं संस्कारित जीवन का निर्माण भी ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस विशेष आयोजन ने समाज को यह संदेश दिया कि योग स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन का आधार है तथा इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र भी सशक्त एवं समृद्ध बन सकते हैं।
