रांची: किसानों के लिए सरकार का नया रोडमैप, हर जिले में होगी बीज की उपलब्धता, मिलेट को मिलेगा बाजार

रांची, 30 जुलाई। झारखंड सरकार ने खरीफ सीजन के बीच खेती को गति देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई रणनीति तैयार की है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए। योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
मक्का बीज की बढ़ती मांग, जिलों में भेजा जाएगा अतिरिक्त बीज
समीक्षा बैठक में बताया गया कि झारखंड में मक्का की खेती का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में अब तक 65 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में मक्का की बुआई पूरी हो चुकी है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जिलों में मक्का बीज की मांग अधिक है, वहां तत्काल अतिरिक्त बीज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बीज की कमी के कारण किसी भी किसान की खेती प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
झारखंड मिलेट मिशन से जुड़े 22,729 किसान
बैठक में झारखंड मिलेट मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक राज्य में 22,729 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है।
मंत्री ने पंजीकरण अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक किसानों को मिलेट आधारित खेती और उससे जुड़ी योजनाओं का लाभ मिल सके।
उत्पादन के साथ बाजार पर भी सरकार का फोकस
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी है। इसी दिशा में राज्य के प्रमुख शहरों में मिलेट उत्पादों के लिए नए बाजार तैयार किए जा रहे हैं।
इसके तहत रांची, जमशेदपुर और देवघर में आधुनिक मिलेट कैफे स्थापित किए जाएंगे। इन कैफे के माध्यम से मोटे अनाज से तैयार विभिन्न उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही किसानों और उत्पादकों को अपनी उपज के लिए नया बाजार उपलब्ध होगा।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
सरकार की नई रणनीति में समय पर बीज उपलब्ध कराने, मिलेट की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और किसानों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
सरकार का मानना है कि बेहतर बीज, आधुनिक कृषि पद्धति और बाजार की उपलब्धता के जरिए किसानों की उत्पादकता के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि की जा सकती है।
