रांची

रांची में होली से पहले मिलावट पर प्रहार, बूटी मोड़ से सबसे ज्यादा सैंपल जब्त

होली

Ranchi : होली के रंगों के साथ स्वाद भी सुरक्षित रहे, इसके लिए राजधानी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी पनीर, खोआ और मिठाइयों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की गई, जिसमें सबसे अधिक सैंपल बूटी मोड़ से एकत्रित किए गए। सभी नमूनों को लैब भेजा गया है।

बढ़ी मांग, बढ़ा जोखिम

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के साथ मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। बूटी मोड़ और आसपास के थोक-खुदरा बाजार से पनीर, खोआ और विभिन्न मिठाइयों के सैंपल लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, लेकिन खुदरा बाजार में फैला नेटवर्क बड़ी चुनौती है। छोटी दुकानों और अस्थायी विक्रेताओं के माध्यम से मिलावटी उत्पाद बिक जाते हैं।

मिलावटी पनीर और मिठाइयों का तरीका

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व मुनाफा बढ़ाने के लिए कृत्रिम तरीके अपनाते हैं।

पनीर : दूध की जगह स्किम्ड मिल्क पाउडर, स्टार्च, सिंथेटिक दूध या डिटर्जेंट मिश्रित घोल का इस्तेमाल। पनीर को ज्यादा सफेद और आकर्षक दिखाने के लिए रसायन मिलाना।

खोआ : वनस्पति घी, आलू का पेस्ट, मैदा या स्टार्च मिलाना।

मिठाई : कृत्रिम रंग, सस्ते फ्लेवर और निम्न गुणवत्ता का तेल-घी इस्तेमाल। बासी मिठाइयों को दोबारा तलकर या चाशनी में डुबोकर ताजा बताना।

स्वास्थ्य पर असर

मिलावटी खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र पर सीधे असर डालते हैं। इनका सेवन फूड प्वाइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, एलर्जी और त्वचा पर रैशेज जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। लंबे समय तक रसायनयुक्त पदार्थ खाने से लीवर और किडनी पर भी असर पड़ सकता है। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। कृत्रिम रंग और रसायन अस्थमा व एलर्जी वाले मरीजों में गंभीर प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं।

विभाग का संदेश

होली के दौरान स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना है। प्रशासन और आम नागरिकों दोनों की सतर्कता जरूरी है। इस बार रंगों के साथ स्वाद भी सुरक्षित और शुद्ध रहे, यही विभाग का लक्ष्य है।

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