खनिजों की कमी से नाराज रामगढ़ जिला संवेदक संघ, 30 जुलाई को धरना और 5 अगस्त से काम बंद करने का ऐलान

रामगढ़, 28 जुलाई। रामगढ़ जिला संवेदक संघ ने राज्य में लघु खनिजों की कमी और ई-परिवहन चालान व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। मंगलवार को जिलाध्यक्ष पंकज प्रसाद तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में संवेदकों ने कहा कि ईंट, बालू, चिप्स और बोल्डर की कमी से जिले में निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 30 जुलाई को समाहरणालय परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समीप शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके माध्यम से सरकार का ध्यान संवेदकों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा।
संघ ने यह भी घोषणा की कि यदि जिले में पर्याप्त मात्रा में लघु खनिज उपलब्ध नहीं कराए गए, तो 5 अगस्त से सभी सरकारी निर्माण कार्य बंद कर दिए जाएंगे। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा जारी होने वाली नई निविदाओं का सामूहिक बहिष्कार भी किया जाएगा।
संवेदकों ने चेतावनी दी कि खनिजों की अनुपलब्धता के कारण यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाता और विभाग अवधि विस्तार के नाम पर जुर्माना या 10 प्रतिशत की कटौती करता है, तो इसका भी सामूहिक विरोध किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष पंकज प्रसाद तिवारी ने कहा कि अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाना सरकार का सही कदम है, लेकिन बिना पर्याप्त तैयारी के नए नियम लागू करने से विकास कार्य बाधित हो गए हैं। उन्होंने मांग की कि पत्थर खनन पट्टों का विस्तार, बालू घाटों का संचालन और ईंट को ई-परिवहन चालान की अनिवार्यता से मुक्त करने जैसे कदम जल्द उठाए जाएं।
संघ के सचिव दयासागर प्रसाद ने सरकार से नए नियम को तत्काल स्थगित कर पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पर्याप्त खनिज उपलब्ध कराए बिना निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना संभव नहीं है। बैठक में बड़ी संख्या में संवेदकों ने भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
