श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में उमड़ी श्रद्धा, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
रांची: पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्री राधा अष्टमी महोत्सव श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। परमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा आयोजित महोत्सव में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दिव्य दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
आकर्षक श्रृंगार और विशेष भोग से सजे श्री राधा-कृष्ण
श्री राधा अष्टमी के अवसर पर मंदिर में भगवान श्री राधा-कृष्ण का अलौकिक एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया। आकर्षक आभूषणों से सजे विग्रह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
मंदिर के पुजारी अरविंद पांडे ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान को केसरिया खीर, पेड़ा, लड्डू, पंजीरी, फल और नारियल का भोग अर्पित किया।
भजन-कीर्तन में भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु
पूजा-अर्चना के बाद भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। भजन गायिका रीता देवी ने अपने सुमधुर और भावपूर्ण भजनों से पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया। भजनों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और भगवान श्री राधा-कृष्ण की भक्ति में लीन हो गए।
इसके बाद सामूहिक आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। आरती के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
20 से 26 सितंबर तक होगी श्रीमद्भागवत कथा
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल और प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने सभी श्रद्धालुओं को श्री राधा अष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्री राधा अष्टमी प्रेम, भक्ति और समर्पण का पावन पर्व है। राधारानी को श्रीकृष्ण की परम भक्त तथा प्रेम-भक्ति की प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने बताया कि श्री राधा अष्टमी महोत्सव के उपलक्ष्य में 20 सितंबर से 26 सितंबर तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में किया जाएगा। वृंदावन की सुप्रसिद्ध कथावाचक साध्वी गोपिका श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगी।
ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की गई है।
महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर भजन, कीर्तन और भगवान श्री राधा-कृष्ण के जयकारों से गूंजता रहा।
