श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, राधा-कृष्ण भक्ति का दिया संदेश
रांची: रांची के चुटिया स्थित सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार स्मृति भवन धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार स्मृति भवन न्यास मंडल एवं रघुनंदन टिबरेवाल–ऋषि टिबरेवाल परिवार के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हो रहा है।
कथा वाचन के दौरान सुप्रसिद्ध कथा व्यास मां चैतन्य मीरा ने श्राद्ध पक्ष में श्रीमद् भागवत एवं श्रीराम कथा के श्रवण के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस पावन काल में कथा सुनने से पितरों को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ग्रंथ है, जो मनुष्य को प्रेम, करुणा और समर्पण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अपनी आराध्या राधा रानी के बिना अधूरे हैं और कथा श्रवण से ही भक्त राधा-कृष्ण की कृपा प्राप्त कर सकता है।
मां चैतन्य मीरा ने उद्धव प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण को प्राप्त करने का सर्वोत्तम साधन श्रीमद् भागवत है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सरल भाव और पूर्ण श्रद्धा के साथ कथा श्रवण करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में पुरोहित अनूप दाधीच एवं उनके सहयोगियों द्वारा विधिवत पूजन कराया जा रहा है। तृतीय दिवस पर अनूप दाधीच के जन्मदिन के अवसर पर मां चैतन्य मीरा ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर आशीर्वाद दिया।
कथा के अंत में भव्य आरती, पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर फतेहचंद अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, कमल कुमार अग्रवाल, सुभाष पोद्दार, प्रवीण पोद्दार, योगेंद्र पोद्दार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आयोजन को सफल बनाने में श्याम सेवा समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस धार्मिक आयोजन की लोकप्रियता और आस्था का प्रतीक बन रही है।
