हॉकी झारखंड के नवनिर्वाचित महासचिव मनोज कोनबेगी का खूंटी दौरा, खिलाड़ियों को मेहनत से आगे बढ़ने का दिया संदेश
खूंटी, 23 जुलाई। हॉकी झारखंड के नवनिर्वाचित महासचिव मनोज कोनबेगी ने गुरुवार को अपने पदभार ग्रहण करने के चार दिन बाद ओलंपिक में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाली हॉकी टीम के कप्तान रहे मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के गृह जिला खूंटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हॉकी खूंटी के पदाधिकारियों एवं खिलाड़ियों से मुलाकात की तथा संगठन की गतिविधियों और खिलाड़ियों के विकास को लेकर चर्चा की।
खूंटी पहुंचने पर हॉकी खूंटी के पदाधिकारियों ने मनोज कोनबेगी का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने खिलाड़ियों के आवश्यक दस्तावेजों एवं फॉर्म पर हस्ताक्षर भी किए।
बैठक के दौरान महासचिव ने हॉकी खूंटी के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ जिले में हॉकी के विकास के लिए चल रहे कार्यों की समीक्षा की। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खूंटी में बालिकाओं के लिए आवासीय हॉकी सेंटर और सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना हो चुकी है। ऐसे में खिलाड़ियों को उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाते हुए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए बेहतर व्यवस्था की है और जिले में दो एस्ट्रोटर्फ मैदान उपलब्ध कराए हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग कर खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हॉकी झारखंड हर कदम पर खिलाड़ियों और जिला संघ के साथ खड़ा रहेगा।
दौरे के दौरान मनोज कोनबेगी ने सिमडेगा आवासीय हॉकी सेंटर में वर्षों तक कोच रहकर कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने वाली दिवंगत हॉकी कोच प्रतिमा बरवा के खूंटी स्थित आवास पहुंचकर उनके परिजनों एवं माता से मुलाकात की। उन्होंने परिवार का हालचाल जाना और आश्वस्त किया कि किसी भी आवश्यकता पर हॉकी झारखंड हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहेगा।
इस अवसर पर हॉकी खूंटी की अर्पणा हांस, अनिमा तिर्की, सुनील नायक, नामजन सोय सहित अन्य पदाधिकारी एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।
