मनी लॉन्ड्रिंग केस : पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई जमानत याचिका
रांची, 07 अगस्त । मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। इससे पहले 11 जुलाई को हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
पूर्व मंत्री पर टेंडर घोटाले के माध्यम से करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें 15 मई 2022 को गिरफ्तार किया था और तभी से वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
ईडी के अनुसार, आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव कुमार लाल और नौकर जहांगीर आलम के पास से 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। यह नकदी टेंडर घोटाले से संबंधित मानी जा रही है। ईडी ने पूछताछ और सबूतों के आधार पर आलम को गिरफ्तार किया था।
अब आलम ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की अगली तारीख जल्द तय हो सकती है।
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई और इतनी बड़ी मात्रा में नकदी की बरामदगी ने झारखंड की राजनीति में हलचल मचा दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अब तक किसी भी स्तर पर आलमगीर आलम को राहत नहीं दी है।
