कुरमाली बिहा गीत प्रतियोगिता में गूंजी लोक संस्कृति की स्वर लहरियां, भाषा संरक्षण का लिया संकल्प
रांची, 12 जुलाई। लालपुर स्थित होटल सिटी प्लेस में रविवार को कुरमाली बिहा गीत प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों और भाषा-प्रेमियों ने हिस्सा लेकर कुरमाली लोक संस्कृति और पारंपरिक बिहा गीतों की समृद्ध विरासत को जीवंत किया।
इस अवसर पर कुरमाली भाषा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने कहा कि अपनी भाषा, संस्कृति और लोक परंपराओं का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी भाषा और संस्कृति सुरक्षित रहेगी, तभी आने वाली पीढ़ियां अपनी पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहेंगी।
उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन समाज में अपनी मातृभाषा और लोक परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
प्रतियोगिता का उद्देश्य कुरमाली भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति समाज को जागरूक करना था। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी ऐसे आयोजनों को समाज और संस्कृति के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसकी सराहना की।
कार्यक्रम में डॉ. एच.एन. सिंह, विंग कमांडर ज्ञानेश्वर सिंह, कार्तिक महतो, ईश्वर चंद्र महतो, सत्यनारायण महतो, प्रो. गोवर्धन महतो, कवि विजयराज महतो, कवि देवेंद्र नाथ महतो, डॉ. नीलू कुमारी, प्रो. जयंती कुमारी, कपिल देव महतो और अशोक महतो सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कुरमाली भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
प्रतियोगिता में अनिता देवी, रीता महतो, सुनीता देवी, मोनिका देवी, जयललिता महतो, सीमा बानवार, पूजा कुमारी, गुड्डी कुमारी, ज्योति हेंमरियार, सीता कुमारी और राखी महतो सहित अनेक प्रतिभागियों ने अपने लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। आयोजन समिति की ओर से सभी प्रतिभागियों को उनकी उत्कृष्ट सहभागिता और उत्साहवर्धन के लिए सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी कुरमाली भाषा और लोक संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे आयोजन नियमित रूप से करने का संकल्प लिया।
