आईईडी हमला मामले में मंगल मुंडा की जमानत याचिका खारिज
रांची, 06 अक्टूबर । प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से कथित संबंध और सुरक्षा बलों पर आईईडी हमला कराने के मामले में आरोपित मंगल मुंडा की जमानत याचिका झारखंड उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मंगलवार को मामले में सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
मामले में एनआईए की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों की संख्या घटाकर 97 कर दी गई है, जिनमें से 45 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है।
वहीं, मंगल मुंडा की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मामले की सुनवाई पूरी होने में अभी समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि मंगल मुंडा पांच साल से अधिक समय से जेल में है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए।
यह मामला पश्चिमी सिंहभूम के टोकलो थाना कांड संख्या 09/2021 से जुड़ा है। चार मार्च 2021 को लांजी पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट हुआ था। घटना में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। बाद में गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
एनआईए ने जांच के बाद सात सितंबर 2021 को आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें मंगल मुंडा को आरोपित संख्या-9 बनाया गया था। एनआईए के आरोप के अनुसार, मंगल मुंडा कथित तौर पर भाकपा माओवादी के सशस्त्र कैडरों के संपर्क में था और उनके निर्देश पर लोहे की पाइप उपलब्ध कराता था। आरोप है कि इन पाइपों का इस्तेमाल आईईडी तैयार करने में किया जाता था।
आरोप पत्र में यह भी कहा गया है कि आरोपित को जानकारी थी कि उपलब्ध कराई गई सामग्री का इस्तेमाल सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में किया जाना था।
