Home

दुबई में छलका झारखंड के मजदूरों का दर्द, सरकार से मदद की अपील

मजदूरों

Ranchi : झारखंड के प्रवासी मजदूरों के विदेश में फंसने का एक और मामला सामने आया है। इस बार गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिलों के 14 मजदूर दुबई में फंसे हुए हैं। मजदूरों का आरोप है कि संबंधित कंपनी उन्हें तय समय से अधिक काम करवा रही है, लेकिन इसके बदले उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

मजदूरों का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें पूरा वेतन नहीं मिला है, जिससे वहां रहने, खाने और अन्य दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि मजदूरों को भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

दुबई में फंसे मजदूरों ने वीडियो संदेश के जरिए अपनी पीड़ा साझा की है और भारत सरकार व झारखंड सरकार से मदद की अपील की है। यह वीडियो प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली को भेजा गया, जिसे उन्होंने मीडिया के साथ साझा किया।

सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली ने केंद्र और राज्य सरकार से मजदूरों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए ठोस कूटनीतिक पहल करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि विदेशों में फंसने वाले प्रवासी मजदूरों के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन बेहतर कमाई की उम्मीद में लोग विदेश जाते हैं और ऐसे हालात का शिकार हो जाते हैं।

सिकन्दर अली ने गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मधगोपाली पंचायत के दूधपनिया गांव निवासी प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो का मामला भी उठाया। विजय कुमार की मौत 23 अक्टूबर 2025 को सऊदी अरब में हुई थी, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद न तो शव भारत लाया जा सका और न ही परिजनों को कोई मुआवजा मिला।

फंसे मजदूरों की सूची

गिरिडीह: डुमरी थाना क्षेत्र – विजय कुमार महतो, चिचाकी निवासी – रोशन कुमार, अजय कुमार; बगोदर थाना क्षेत्र – तिरला निवासी – राजेश महतो; मंडरो, डुमरडेली – अजय कुमार

बोकारो: पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र – कंजकीरो निवासी डालेश्वर महतो

हजारीबाग: बिष्णुगढ़ थाना – खेदाडीह निवासी – जागेश्वर महतो, फालेन्द्र महतो; सिरैय – बैजनाथ महतो; पारजोरिया – दिलीप महतो, गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो; चकचुको बसरिया – दीपक कुमार; गोरहर थाना – गोरहर निवासी रोहित महतो, सेवा महतो

बताया गया कि सभी मजदूर अक्टूबर 2025 में ईएमसी कंपनी के तहत ट्रांसमिशन लाइन के काम के लिए दुबई गए थे। पिछले तीन महीनों से किसी भी मजदूर को नियमित रूप से वेतन नहीं दिया गया, जिससे उनकी स्थिति बेहद दयनीय हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *