स्कूली खेलों में झारखंड का राष्ट्रीय स्तर पर डंका, जेईपीसी को मिले दो प्रतिष्ठित सम्मान
राष्ट्रीय स्कूली खेलों के उत्कृष्ट आयोजन और खिलाड़ियों के विकास के लिए SGFI ने किया सम्मानित
रांची। स्कूली खेलों के क्षेत्र में झारखंड ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट संगठन क्षमता, दूरदर्शी नेतृत्व और खेल प्रतिभाओं के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली परिचय दिया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी), रांची को स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की वार्षिक आम बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान राष्ट्रीय स्कूली खेलों के सफल एवं अनुकरणीय आयोजन तथा खिलाड़ियों के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए गए।
विभाग को पहला सम्मान “सराहना पुरस्कार (Appreciation Award)” के रूप में प्रदान किया गया। यह सम्मान भारतीय स्कूली टीमों के राष्ट्रीय चयन ट्रायल एवं कोचिंग कैंपों के उत्कृष्ट आयोजन, प्रभावी समन्वय तथा युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया गया। एसजीएफआई ने अपने प्रशस्ति पत्र में विभाग की खेल उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को भारतीय स्कूली खेलों के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, दूसरे सम्मान के रूप में झारखंड को 69वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता के “सर्वश्रेष्ठ आयोजक (Best Organizer)” श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। झारखंड ने 35 में से 34.40 अंक अर्जित कर “उत्कृष्ट श्रेणी” हासिल की। यह सम्मान 13 से 17 जनवरी, 2026 तक रांची में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली साइक्लिंग (ट्रैक एवं रोड) अंडर-14, 17 एवं 19 तथा बालक-बालिका शतरंज अंडर-14 चैंपियनशिप के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सफल संचालन, सुव्यवस्थित प्रबंधन और उत्कृष्ट मेजबानी के लिए प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय मूल्यांकन के दौरान खिलाड़ियों के आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था, खेल अधोसंरचना, तकनीकी संचालन, परिवहन, स्वयंसेवी सहयोग तथा समग्र आयोजन प्रबंधन को अत्यंत उच्च स्तर का पाया गया। यह सम्मान एसजीएफआई के निदेशक दीपक कुमार द्वारा प्रदान किया गया।
27 जून को नई दिल्ली में आयोजित एसजीएफआई की वार्षिक आम बैठक में झारखंड की ओर से राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (खेल) धीरसेन ए. सोरेंग एवं खेल कोषांग के चंद्रदेव सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन तथा राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (खेल) धीरसेन सोरेंग ने खेल कोषांग के सभी पदाधिकारियों, अधिकारियों, प्रशिक्षकों, आयोजन टीम, सहयोगी संस्थाओं एवं राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
यह उपलब्धि केवल दो पुरस्कारों तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड में विकसित हो रही खेल संस्कृति, संस्थागत क्षमता, गुणवत्तापूर्ण आयोजन व्यवस्था तथा युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का सशक्त प्रमाण है। यह सफलता आने वाले वर्षों में झारखंड को देश के अग्रणी स्कूली खेल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
