Jharkhand Doctors Strike: झारखंड में डॉक्टरों ने शुरू किया चरणबद्ध आंदोलन, 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
रांची: झारखंड में चिकित्सकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) झारखंड की ओर से रांची में आयोजित संयुक्त बैठक में फैसला लिया गया कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान नहीं निकाला, तो 22 अक्टूबर से राज्यभर के चिकित्सक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर जा सकते हैं।
प्रस्तावित कार्य बहिष्कार में सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों के शामिल होने की बात कही गई है। बैठक में राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर हुई चर्चा
रांची में हुई संयुक्त बैठक में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें मुख्य रूप से चिकित्सकों की सुरक्षा, क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में व्यवहारिक एवं जनहितकारी संशोधन, DACP और डायनेमिक ACP लागू करना शामिल है।
इसके अलावा जूनियर डॉक्टरों के बॉन्ड, सीनियर रेजिडेंट को समय पर वेतन और मैटरनिटी लीव सहित अन्य मांगों पर भी चर्चा हुई।
IMA का कहना है कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर झारखंड में पहली बार इतनी बड़ी बैठक आयोजित की गई है।
27 सितंबर से शुरू हुआ आंदोलन, जानें पूरा कार्यक्रम
चिकित्सकों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत अलग-अलग तारीखों पर विरोध और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आंदोलन का प्रस्तावित कार्यक्रम:
- 27 सितंबर: चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत।
- 5 से 8 अक्टूबर: सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान और चिकित्सकों द्वारा काला बैज लगाकर विरोध।
- 9 अक्टूबर: राज्य, जिला और मेडिकल कॉलेज स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस।
- 10 से 20 अक्टूबर: प्रत्येक जिले में जन-जागरूकता अभियान।
- 21 अक्टूबर: मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और जिला मुख्यालय स्तर पर विरोध प्रदर्शन।
- 22 अक्टूबर: मांगों का समाधान नहीं होने पर राज्यभर में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी।
जनता के बीच जाकर आंदोलन की वजह बताएंगे डॉक्टर
10 से 20 अक्टूबर के बीच चिकित्सक विभिन्न जिलों में जन-जागरूकता अभियान चलाएंगे। इस दौरान प्रबुद्ध वर्ग और आम लोगों से संपर्क कर उन्हें अपनी मांगों और आंदोलन के कारणों की जानकारी देने की योजना है।
चिकित्सकों का कहना है कि उनका उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है और सरकार के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना है।
21 अक्टूबर को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन
यदि बातचीत के जरिए मांगों का समाधान नहीं निकलता है तो 21 अक्टूबर को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और जिला मुख्यालय स्तर पर आयोजित करने की योजना है।
इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने की स्थिति में 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समर्थन का आश्वासन दिया
चिकित्सकों के अनुसार, IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में राष्ट्रीय स्तर पर भी आंदोलन को समर्थन मिलने की बात कही गई है।
IMA झारखंड ने सरकार से अपील की है कि राज्य की जनता के स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द समाधान निकाला जाए।
