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खूंटी में डायन-बिसाही के शक और बदले की भावना में मासूम की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

Khunti : साइंस और हाइटेक टेक्नोलॉजी के जमाने में जहां लोग चांद और मंगल ग्रह तक झंडे गाड़ आये हैं, वहीं, झारखंड का खूंटी जिला आज भी अंधविश्वास के मकड़जाल में फंसा हुआ है। इसी अंधविश्वास के चक्कर में एक सात साल के मासूम बच्चे के निर्मम हत्या कर दी गयी। घटना खूंटी जिले के मारंगहदा थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 23 जनवरी 2026 की है। पुलिस के अनुसार, लांदुप पंचायत के बीमडीह गांव निवासी 55 वर्षीय रघु मुंडा के बेटे की कुछ दिन पहले बीमारी से मौत हो गई थी। रघु मुंडा को शक था कि उसके बेटे की मौत लक्ष्मण मुंडा द्वारा किए गए जादू-टोना की वजह से हुई है। इसी अंधविश्वास और बदले की भावना में रघु मुंडा ने 25 वर्षीय जगरनाथ मुंडा उर्फ जगरा मुंडा के साथ मिलकर लक्ष्मण मुंडा के सात साल के बेटे को निशाना बनाया। आरोप है कि दोनों ने बच्चे को चॉकलेट देने के बहाने बुलाया और फिर कुदाल की बेंत से कूच-कूच कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।

बच्चे का शव मिलने पर उसके पिता लक्ष्मण मुंडा के बयान पर मारंगहदा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी। थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी

थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में बीएनएस 2023 की धारा 103(1), 238(A) तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुदाल बरामद कर ली गई है। साथ ही घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, पत्ते और मृतक का एक जोड़ा चप्पल भी जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल, केस आईओ संतोष रजक, सहायक अवर निरीक्षक रमजानुल हक, बिनल तिग्गा समेत मारंगहदा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।

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