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ऑक्सफोर्ड में मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की विरासत से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

ऑक्सफोर्ड (यूके)। मुख्यमंत्री ने अपने यूके दौरे के दौरान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सेंट जॉन्स कॉलेज का भ्रमण किया। कॉलेज की अध्यक्ष प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक, बैरोनेस ब्लैक ऑफ स्ट्रोम ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में हाई-टी स्वागत समारोह आयोजित किया गया।

सेंट जॉन्स कॉलेज भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने महान आदिवासी नेता, संविधान निर्माता एवं झारखंड आंदोलन के वैचारिक स्तंभ मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा से जुड़े दुर्लभ अभिलेखों का अवलोकन किया। जयपाल सिंह मुंडा सेंट जॉन्स कॉलेज के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र रहे हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से उनसे संबंधित दुर्लभ फोटोग्राफ, ऐतिहासिक दस्तावेज़ एवं संरक्षित अभिलेख प्रदर्शित किए गए, जो उनके ऑक्सफोर्ड काल, छात्र नेतृत्व और खेल उपलब्धियों को दर्शाते हैं।

कॉलेज के रिकॉर्ड के अनुसार, जयपाल सिंह मुंडा कॉलेज डिबेटिंग सोसाइटी के सचिव एवं बाद में अध्यक्ष रहे। उन्होंने कॉलेज और विश्वविद्यालय की ओर से हॉकी में प्रतिनिधित्व करते हुए ‘हॉकी ब्लू’ सम्मान प्राप्त किया था। आगे चलकर उन्होंने वर्ष 1928 के ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी भी की। अभिलेखों में ऑक्सफोर्ड हॉकी टीम के चित्र, डिबेटिंग सोसाइटी के दस्तावेज़, उनके व्यक्तिगत पत्र और नोटबुक भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सेंट जॉन्स कॉलेज द्वारा जयपाल सिंह मुंडा की विरासत को सम्मान और गरिमा के साथ संरक्षित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास झारखंड की ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत को वैश्विक शैक्षणिक केंद्रों से जोड़ने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने जयपाल सिंह मुंडा को झारखंड राज्य निर्माण की वैचारिक नींव रखने वाला नेता बताया।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जयपाल सिंह मुंडा की विचारधारा और संघर्ष की परंपरा को दशकों तक जनआंदोलन के माध्यम से आगे बढ़ाया गया, जिसमें उनके पिता स्वर्गीय “दिशोम गुरु” शिबू सोरेन की केंद्रीय भूमिका रही। दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की सह-स्थापना की और लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2000 में झारखंड राज्य के गठन में निर्णायक योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार और सेंट जॉन्स कॉलेज के बीच संरचित सहयोग की संभावना व्यक्त की। इसमें अभिलेखीय आदान-प्रदान, डिजिटाइजेशन और संयुक्त संरक्षण पहलों के माध्यम से झारखंड की ऐतिहासिक एवं बौद्धिक विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का प्रस्ताव शामिल है।

प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने झारखंड सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए ऑक्सफोर्ड और झारखंड के बीच दीर्घकालिक अकादमिक सहयोग की भावना व्यक्त की। उन्होंने चेवनिंग–मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति को युवा प्रतिभाओं के लिए एक सशक्त सेतु बताया। दोनों पक्षों के बीच मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में सेंट जॉन्स कॉलेज–झारखंड समर्पित पीएचडी/डॉक्टोरल छात्रवृत्ति की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सेंट जॉन्स कॉलेज के संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं तथा वहां अध्ययनरत भारतीय पीएचडी और स्नातकोत्तर छात्रों से भी संवाद किया।

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