होमगार्ड बहाली: मेडिकल जांच और प्रमाणपत्र सत्यापन का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण
धनबाद, 20 अगस्त । होमगार्ड बहाली प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों की चल रही मेडिकल जांच और मूल प्रमाणपत्रों के सत्यापन कार्य का गुरुवार को धनबाद के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूरी प्रक्रिया का जायजा लेते हुए अधिकारियों को चयन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान सत्यापन केंद्र पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों से प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अंतिम चयन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता नहीं होनी चाहिए।
चार टीमों को सत्यापन की जिम्मेदारी
जिला प्रशासन की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। वहीं, अभ्यर्थियों की शारीरिक एवं चिकित्सकीय जांच के लिए अलग मेडिकल टीम तैनात की गई है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सावधानीपूर्वक जांच की जाए और किसी भी तरह की विसंगति सामने आने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मूल प्रमाणपत्र लाना अनिवार्य
आदित्य रंजन ने स्पष्ट किया कि सत्यापन के लिए सभी चयनित अभ्यर्थियों का स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक, तकनीकी और आवासीय प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियों के साथ उनकी स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रतियां भी प्रस्तुत करनी होंगी।
उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे सत्यापन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित रूप में साथ लेकर आएं, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
फर्जी दस्तावेज पर होगी कड़ी कार्रवाई
उपायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि कोई अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करता है या चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार के अनुचित साधन का इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का ही होगा अंतिम चयन
उपायुक्त ने कहा कि होमगार्ड भर्ती परीक्षा को जिस तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया है, उसी प्रकार मेडिकल जांच और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी शुचिता के साथ पूरी की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का पक्षपात या अनियमितता न हो और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले योग्य अभ्यर्थियों को ही अंतिम चयन का अवसर मिले।
जिला प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि होमगार्ड बहाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
