रांची दंगा मामले में महबूब आलम को अग्रिम जमानत से हाई कोर्ट का इनकार
रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने 2022 में रांची के मेन रोड पर हुए दंगे के मामले में आरोपित महबूब आलम की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया.
10 जून 2022 को जुमे की नमाज के बाद रांची के मेन रोड क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी थी. इस दौरान उपद्रवियों ने पत्थरबाजी, गोलीबारी और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया था. हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था. इस हिंसा में कई लोग घायल हुए थे और शहर का सामान्य जनजीवन बाधित हो गया था.
घटना के बाद डेली मार्केट थाना में दर्जनों लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस ने जांच के दौरान कई लोगों को आरोपी बनाया, जिनमें महबूब आलम का नाम भी शामिल है. महबूब आलम ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी.
हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कहते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया कि ऐसे मामलों में अभियुक्त की गिरफ्तारी आवश्यक हो सकती है. कोर्ट ने यह भी माना कि सार्वजनिक शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था को खतरे में डालने वाले मामलों में अदालत को सख्ती बरतनी चाहिए.
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद महबूब आलम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अब उसे या तो निचली अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन करना होगा या फिर गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है.
