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आठ घंटे बाद टावर से नीचे उतरा हीरालाल, पुलिस ने हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ

रांची, 02 अगस्त । राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक हीरालाल रविवार को करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतर आया। अधिकारियों और मौके पर मौजूद लोगों के काफी समझाने-बुझाने के बाद वह नीचे आने के लिए राजी हुआ। नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने भेज दिया।

टावर से उतरने के बाद हीरालाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के लिए नीचे आया है। नीचे आते ही वह भावुक हो गया और रोते हुए पत्नी व बच्चों से मिला। उसने अपने बच्चों को गोद में उठाया और काफी देर तक भावुक रहा।

मीडिया से बातचीत के दौरान हीरालाल ने आरोप लगाया कि वह सरकारी नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं से परेशान है। उसका कहना था कि वह लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण उसे अब तक सफलता नहीं मिल सकी। उसने दावा किया कि इसी वजह से वह मानसिक रूप से काफी परेशान था।

हीरालाल ने अपने पारिवारिक जीवन को लेकर भी कई बातें कहीं। उसका आरोप था कि उसकी पत्नी एक मेडिकल दुकान संचालित करती है और अक्सर उसे ताने देती थी कि वह एक रुपया भी कमाने की क्षमता नहीं रखता। इसी कारण उसने मुख्यमंत्री से प्रतीकात्मक रूप से एक रुपये की मांग की थी। हालांकि, इन व्यक्तिगत आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

उसने यह भी कहा कि वह पिछले कई दिनों से जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल था और अपनी मांगों को विभिन्न माध्यमों से उठाता रहा। उसके अनुसार, आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने से वह आक्रोशित था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हीरालाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उससे घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

उल्लेखनीय है कि जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे हीरालाल धरनास्थल के समीप स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लगातार समझाने का प्रयास करते रहे। अंततः करीब आठ घंटे बाद अधिकारियों, पुलिस और स्थानीय लोगों के प्रयास से उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।

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