जूनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी में रजत जीतने वाली झारखंड टीम का सिमडेगा में भव्य स्वागत
अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खिलाड़ियों का हुआ अभिनंदन, हॉकी झारखंड ने विशेष प्रशिक्षण को बताया सफलता की वजह
सिमडेगा। महाराष्ट्र के पुणे में 13 से 23 अगस्त तक आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली झारखंड टीम का बुधवार को सिमडेगा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों ने टीम की खिलाड़ियों का अभिनंदन किया।
टीम के स्टेडियम पहुंचने पर खिलाड़ियों को बुके देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद स्थानीय परंपरा के अनुसार हाथ धुलाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। खिलाड़ियों को मिठाई खिलाकर रजत पदक जीतने की बधाई दी गयी।
स्वागत समारोह में टीम मैनेजर सह एनआईएस हॉकी कोच दिव्या डुंगडुंग के साथ सिमडेगा की खिलाड़ी रीना कुल्लू, अनीशा कुल्लू, एस्टर होरो, सोनाली तिर्की, अनुप्रिया सोरेंग और जमुना कुमारी मौजूद रहीं। टीम की कुछ खिलाड़ी रांची चली गयीं, जबकि कुछ बेंगलुरु से सीधे भारतीय टीम के कैंप में शामिल होने रवाना हुईं। वहीं कुछ खिलाड़ी कोलकाता हॉकी सेंटर चली गयीं।
पहली जिम्मेदारी में ही रजत पदक
टीम मैनेजर दिव्या डुंगडुंग ने कहा कि एनआईएस की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद हॉकी झारखंड ने उन्हें झारखंड टीम की जिम्मेदारी सौंपी। अपने पहले दौरे में ही टीम के रजत पदक जीतने पर उन्होंने खुशी जतायी। उन्होंने खिलाड़ियों के अनुशासन और आपसी सहयोग की सराहना करते हुए स्वागत के लिए हॉकी सिमडेगा और खेलप्रेमियों का आभार जताया।
दबाव में वापसी ने दिलायी सफलता : मनोज कोनबेगी
हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि पूरी टीम ने चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में निर्णायक क्षणों में झारखंड की टीम दबाव में आ जाती थी, लेकिन इस बार खिलाड़ियों ने खेल में काफी परिपक्वता दिखाई।
उन्होंने बताया कि कई मुकाबलों में पिछड़ने के बावजूद खिलाड़ियों ने अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और महत्वपूर्ण गोल कर मुकाबले में वापसी की। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज कर टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया। यह खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, मानसिक मजबूती और संघर्ष क्षमता को दर्शाता है।
कोनबेगी ने कहा कि टीम की सफलता में खिलाड़ियों के साथ कोचिंग स्टाफ और मैनेजर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि हॉकी झारखंड की ओर से 1 से 12 अगस्त तक रांची में झारखंड सरकार के खेल विभाग के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। राष्ट्रीय चैंपियनशिप से पहले आयोजित इस शिविर का सकारात्मक परिणाम रजत पदक के रूप में सामने आया।
उन्होंने झारखंड की पूरी टीम, कोच, मैनेजर और सहयोगी स्टाफ के साथ सिमडेगा की खिलाड़ियों को विशेष रूप से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मौके पर हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारी पैंक्रेसियस टोप्पो, कमलेश्वर मांझी, खिलाड़ियों की कोच तारिणी कुमारी, रोहित बेसरा, प्रवीण परवार सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेलप्रेमी उपस्थित थे।
