24 नवंबर को रांची में होगा बालिका अस्मिता लीग एथलेटिक्स का आयोजन
देश के 300 जिलों में एकसाथ टैलेंट सर्च कार्यक्रम, रांची में बालिका प्रतिभा निखारने की तैयारी पूरी
रांची: देशभर के लगभग 300 जिलों में आयोजित हो रही अस्मिता लीग (बालिका) एथलेटिक्स प्रतियोगिता के तहत रांची जिले में भी बालिका खिलाड़ियों की प्रतिभा खोजने के उद्देश्य से विशेष खेल आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 24 नवंबर को बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, मोराबादी, रांची में सुबह 9 बजे से शुरू होगी।
यह आयोजन खेल एवं युवा मामले मंत्रालय, भारत सरकार (SAI) द्वारा प्रायोजित है तथा भारतीय एथलेटिक्स संघ, नई दिल्ली और झारखंड एथलेटिक्स संघ के अधीन रांची जिला एथलेटिक्स संघ द्वारा संचालित किया जाएगा। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को SAI की ओर से मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
किसी भी संस्था की छात्राएँ ले सकेंगी भाग
प्रतियोगिता में किसी भी संस्था, क्लब, सरकारी या गैर सरकारी विद्यालय की बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले सकती हैं। आयोजन समिति ने बताया कि यह लीग ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सामने लाने का एक अवसर है।
अस्मिता लीग का उद्देश्य
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बालिका खिलाड़ियों के अंदर छिपी एथलेटिक प्रतिभा को पहचानना, उन्हें प्रशिक्षण व अवसर प्रदान करना और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मार्ग तैयार करना है।
जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव प्रभाकर वर्मा ने बताया कि अस्मिता लीग बालिका खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच है, जहाँ से वे राज्य और देश के मंच पर पहुँच सकती हैं।
आयु वर्ग और तारीखें
बालिका अंडर14 (U14)
जन्म तिथि:
21.12.2011 से 20.12.2013
बालिका अंडर16 (U16)
जन्म तिथि:
21.12.2009 से 20.12.2011
स्पर्धाएँ
बालिका अंडर14 (U14)
ट्रायथलन ग्रुप A
60 मीटर दौड़
लंबी कूद (5 मीटर एप्रोच)
ऊँची कूद (सीजर स्टाइल)
ट्रायथलन ग्रुप B
60 मीटर दौड़
लंबी कूद (5 मीटर एप्रोच)
बैक थ्रो (1 किलो शॉटपुट)
ट्रायथलन ग्रुप C
60 मीटर दौड़
लंबी कूद (5 मीटर एप्रोच)
600 मीटर
किड्स जेवलिन
5 मीटर रनवे
बालिका अंडर16 (U16)
1. 60 मीटर दौड़
2. 600 मीटर
3. ऊँची कूद (सीजर)
4. लंबी कूद (5 मीटर एप्रोच)
5. शॉटपुट (स्टैंडिंग 3 किग्रा)
6. डिस्कस थ्रो (1 किग्रा)
7. जेवलिन थ्रो (500 ग्राम, 10 मीटर एप्रोच)
रांची जिला एथलेटिक्स संघ ने कहा है कि बालिकाओं में छिपी प्रतिभा को केवल खेल प्रतियोगिता के माध्यम से ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और अवसर देकर भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास जारी रहेगा। 24 नवंबर को होने वाला यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
