खेल निदेशालय में चार दिवसीय एथलेटिक्स प्रशिक्षक सेमिनार का शुभारंभ
अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ दे रहे आधुनिक प्रशिक्षण की जानकारी, खिलाड़ियों के दीर्घकालीन विकास पर जोर

राँची, 22 मई 2026:
एथलेटिक्स प्रशिक्षकों के तकनीकी ज्ञान और कौशल विकास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, नई दिल्ली एवं खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में बिरसा मुंडा स्टेडियम, मोराबादी में चार दिवसीय एथलेटिक्स प्रशिक्षक सेमिनार का शुभारंभ किया गया। यह सेमिनार 22 से 25 मई तक आयोजित 29वीं राष्ट्रीय फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान आयोजित हो रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन खेल निदेशक एवं उपनिदेशक ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने प्रशिक्षकों की भूमिका को खिलाड़ियों के भविष्य निर्माण में अहम बताते हुए कहा कि बदलते समय के साथ आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों की जानकारी आवश्यक हो गई है।

सेमिनार में राज्यभर के एथलेटिक्स प्रशिक्षकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी विशेषज्ञों से नई प्रशिक्षण पद्धतियों, खेल विज्ञान और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। उद्घाटन अवसर पर झारखंड एथलेटिक्स संघ की प्लानिंग कमिटी के चेयरमैन ने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता एवं अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक , और का स्वागत किया।
सेमिनार के पहले दिन डॉ. राधाकृष्ण नायर ने “लॉन्ग टर्म एथलीट डेवलपमेंट” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में खिलाड़ियों पर अत्यधिक प्रशिक्षण का दबाव डालना उचित नहीं है। खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य के लिए उनके शारीरिक, मानसिक और तकनीकी विकास पर संतुलित रूप से ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली अपनाने और दीर्घकालीन विकास रणनीति पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षकों ने विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए अनुभवों और सुझावों को बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य में खेल संस्कृति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर झारखंड एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष , सचिव , कोषाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षक एवं खेल पदाधिकारी उपस्थित थे।
