डुमरिया एकलव्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी, दुखनी सोरेन ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
पूर्वी सिंहभूम, 6 अक्टूबर: जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस), डुमरिया-कानासोल में शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की पुत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता दुखनी सोरेन के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक अभिभावकों ने उपायुक्त से मुलाकात कर विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की।
अभिभावकों ने उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा कि विद्यालय में कई विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों की कमी से नियमित कक्षाओं के साथ आगामी परीक्षाओं की तैयारी पर भी असर पड़ रहा है।
स्थायी नियुक्ति तक वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
दुखनी सोरेन ने प्रशासन से विद्यार्थियों के हित में जल्द से जल्द शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्थायी नियुक्ति होने तक प्रतिनियुक्ति या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होना गंभीर विषय है। प्रशासन को इस मामले में तत्काल पहल करनी चाहिए।
व्यवस्था नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
दुखनी सोरेन ने कहा कि यदि जल्द शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो अभिभावकों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक लाभ का विषय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा मामला है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बद्रीमाय मांझी, जीतेन किस्कू, विजय हांसदा, रीना मुर्मू समेत बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।
