रांची

कानून-व्यवस्था पर सख्त मुख्यमंत्री, अपराध नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में विधि-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने को लेकर अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को चिन्हित कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

लापता बच्चों और महिलाओं पर प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने लापता बच्चों और महिलाओं के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इनकी त्वरित कार्रवाई और सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को भयमुक्त वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है।

नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्ती
मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ड्रग्स कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो तथा उन स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां इसकी खरीद-बिक्री होती है। खासकर स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखने को कहा गया।

अफीम की खेती पर रोक के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने खूंटी, चतरा और रांची जिलों में अफीम की खेती पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ निरंतर मॉनिटरिंग के साथ-साथ आम लोगों को भी जागरूक किया जाए।

जनता से बेहतर समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने एसपी, डीएसपी एवं अन्य पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें। शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों का भी दौरा कर लोगों का विश्वास मजबूत करने पर बल दिया गया।

संगठित अपराध और भू-माफिया पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने संगठित अपराधों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि भू-माफियाओं को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटनाओं को गंभीरता से लेने की बात कही और अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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