CA प्रवीण कुमार सिन्हा को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Ranchi : चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) वैद्य कुमार सिन्हा को झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनके अग्रिम जमानतदार (एंटीसिपेटरी बेल) की याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ उनकी ही प्रयोगशाला से भागने की कोशिशों को राहत नहीं मिल पाई। जानकारी के अनुसार, मनोचिकित्सक कुमार सिन्हा ने अपने दर्ज मामले में अपराधियों के खतरे को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय में अभियुक्तों को जेल में बंद कर दिया था। श्रवण के दौरान दोनों की तस्वीरें डूब गईं। इसके बाद कोर्ट ने मामले की समीक्षा की और आरोपियों को जमानत से वंचित कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद जांच निर्देश के लिए आगे की कार्रवाई को साफ कर दिया गया है। कानूनी तौर पर अपनाए जाने वाले आवेदन को खारिज करने के बाद अब संबंधित कानूनी वैधता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।
अब नियमित जमानत के लिए करना होगा प्रयास
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद प्रवीण कुमार सिन्हा के पास अब नियमित जमानत के लिए निचली अदालत या सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचा है। मामले पर कानूनी नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी अहम घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। यह मामला पहले से ही चर्चा में रहा है और हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं और बचाव पक्ष की ओर से आगे कौन-सी कानूनी रणनीति अपनाई जाती है।
