चियांकी में फोरलेन निर्माण के लिए 25 मकानों पर चला बुलडोजर

ग्रामीणों से झड़प के बाद प्रशासन ने तेज की कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात
पलामू, 9 जुलाई। नेशनल हाईवे के फोरलेन निर्माण को लेकर मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के चियांकी में गुरुवार सुबह ग्रामीणों और प्रशासन के बीच हुई झड़प के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी। अनापत्ति दर्ज करा चुके 25 मकानों को जेसीबी की मदद से हटाया जा रहा है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
कार्रवाई के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) संजय पांडे, एसडीपीओ राजेश यादव, अंचल अधिकारी जागो महतो, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से जेसीबी और अन्य मशीनें लगाकर मकानों को हटाने का कार्य किया जा रहा है।
मुआवजा और जमीन विवाद को लेकर हुआ था विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है तथा कुछ भूमि विवाद न्यायालय में लंबित हैं। इसी कारण वे मकान हटाने का विरोध कर रहे थे। गुरुवार सुबह विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पत्थरबाजी की घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए तथा उनके मोबाइल फोन भी क्षतिग्रस्त हो गए। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति सामान्य हुई।
न्यायालय के निर्णय के बाद मिलेगा मुआवजा : एसडीओ
सदर एसडीओ संजय पांडे ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के लिए एक करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक की मुआवजा राशि भू-अर्जन कार्यालय में जमा है। जिन मामलों में न्यायालय में सुनवाई चल रही है, उनमें निर्णय आने के बाद संबंधित लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य को अनिश्चितकाल तक रोकना नियमसंगत नहीं है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल अनापत्ति दे चुके 25 मकानों को हटाया जा रहा है, जबकि कुछ लोगों ने स्वयं अपने निर्माण हटाने के लिए समय मांगा है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करना आवश्यक है।
