एचईसी कर्मचारियों को परेशान कर रहा भेल प्रबंधन, अर्जित अवकाश के भुगतान की मांग

रांची, 30 जुलाई। हटिया कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने भेल प्रबंधन पर एचईसी कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पिछले छह वर्षों से एचईसी की स्थिति में सुधार की जिम्मेदारी भेल प्रबंधन को सौंपी गई है, लेकिन हालात सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
लालदेव सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को मिलने वाली कई सुविधाओं में कटौती के बावजूद एचईसी की देनदारियां लगातार बढ़ रही हैं। आर्थिक संकट के बीच भी कर्मचारी संयम बनाए रखते हुए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
साल में तीन बार ईएल लेने के फैसले से नाराजगी
यूनियन उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भेल प्रबंधन ने नियमों का हवाला देते हुए कर्मचारियों के लिए वर्ष में केवल तीन बार अर्जित अवकाश (ईएल) लेने की व्यवस्था लागू कर दी है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सेवा नियमों के अनुसार कर्मचारियों को एक वर्ष में एक माह के अर्जित अवकाश का नगदीकरण कराने का अधिकार है। इसके बदले निगम की ओर से कर्मचारियों को भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन भेल प्रबंधन इस प्रावधान को लागू नहीं कर रहा है।
सैकड़ों कर्मचारियों का भुगतान अब भी लंबित
लालदेव सिंह ने कहा कि पूर्व में सैकड़ों कर्मचारियों के अर्जित अवकाश का नगदीकरण किया जा चुका है, लेकिन उसका भुगतान अब तक लंबित है। आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए यह गंभीर समस्या है।
हटिया कामगार यूनियन (एटक) ने भेल प्रबंधन से अर्जित अवकाश नगदीकरण की व्यवस्था तत्काल लागू करने और लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि लंबित भुगतान मिलने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे एचईसी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
