रांची

विधानसभा में बाबूलाल की मांग: हर भूमिहीन आदिवासी को 7 डिसमिल जमीन आवंटित हो

प्रकाश राम

Ranchi : विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के आठवें दिन लातेहार जिले के तापखास और चंदनडीह का मामला जोर-शोर से उठा। विधायक प्रकाश राम ने सदन में कहा कि तापखास में पिछले 40-50 साल से रह रहे एसटी समाज के लोगों को अतिक्रमण के नाम पर हटाने के लिए प्रशासन नोटिस देकर दबाव बना रहा है। उनका कहना था कि जिन लोगों ने दशकों से वहां घर बसाया है, उन्हें अचानक उजाड़ना ठीक नहीं है।

चंदनडीह में 266 लोगों को हटाया गया

प्रकाश राम ने बताया कि चंदनडीह में 266 लोगों को अतिक्रमण के नाम पर हटाया गया। इसके बदले उन्हें दो-दो डिसमिल जमीन दी गई है। उन्होंने मांग की कि इनमें से 155 भूमिहीन परिवारों को आवास की व्यवस्था कराई जाए, ताकि वे सम्मान के साथ रह सकें।

मंत्री का जवाब: रिपोर्ट मंगाकर करेंगे कार्रवाई

इस पर मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि जहां सरकार ने बंदोबस्ती दी है, वहां लोगों को ईमानदारी से जाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की रिपोर्ट मंगाकर जांच की जाएगी और नियम के मुताबिक कार्रवाई होगी।

बाबूलाल मरांडी की मांग: कम से कम सात डिसमिल जमीन दें

मामले पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बिना सर्वे किए और लोगों को चिन्हित किए उजाड़ना पाप है। उन्होंने सवाल उठाया कि आदिवासी समाज दो-दो डिसमिल जमीन पर कैसे बस सकता है? वहां वे न तो ठीक से घर बना पाएंगे, न पशु रख पाएंगे और न ही साग-सब्जी उगा पाएंगे। मरांडी ने कहा कि सरकार को एक स्पष्ट मापदंड तय करना चाहिए और कम से कम सात डिसमिल जमीन जरूर देनी चाहिए, ताकि परिवार सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।

सात डिसमिल तक जमीन देने के संकेत

मंत्री दीपक बिरूआ ने जवाब में कहा कि यदि मांग की जाती है तो सात डिसमिल तक बंदोबस्ती देने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर लाभुक किसान श्रेणी में आते हैं तो उन्हें वन पट्टा का भी लाभ मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *