पेपर लीक रोकने का सख्त कानून लोकसभा में पास:इसमें 7 साल की सजा, 10 करोड़ तक जुर्माना
नई दिल्ली, 29 जुलाई। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। वहीं राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का रास्ता साफ कर दिया।
पेपर लीक पर सख्त होगा कानून
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर मंगलवार को करीब नौ घंटे तक चर्चा हुई थी। बुधवार को विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच सरकार ने इसे ध्वनि मत से पारित करा लिया।
यह संशोधन 2024 के कानून को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के मामलों की तेज जांच, फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई, विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति और समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।
संशोधन में संगठित पेपर लीक गिरोहों पर कठोर कार्रवाई, दोषियों के लिए अधिक सख्त सजा और जुर्माने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर होगी कानूनी कार्रवाई
राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दे दी। इस संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम्’ का जानबूझकर अपमान करना या इसके गायन में बाधा उत्पन्न करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
संशोधित कानून के तहत ऐसे मामलों में तीन वर्ष तक के कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है। बार-बार अपराध करने वालों के लिए न्यूनतम एक वर्ष के कारावास का प्रावधान भी रखा गया है।
संसद में दो अहम विधायी फैसले
इन दोनों विधेयकों के पारित होने के साथ संसद ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रावधानों को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब दोनों विधेयकों के आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनके प्रावधान लागू किए जाएंगे।
