जेपीएससी परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं का आरोप, बाबूलाल मरांडी ने निष्पक्ष जांच की मांग की
हजारीबाग, 30 जुलाई। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर स्वयं और अपने करीबी लोगों को सरकारी नौकरी में नियुक्त कराया।
गुरुवार को हजारीबाग में आयोजित प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी से जुड़े कई लोग पहले से ही राज्य सरकार के विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। उन्होंने पूरे मामले में बड़े पैमाने पर लेन-देन और एजेंसी तथा सरकार से जुड़े लोगों की कथित मिलीभगत का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था की परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता गंभीर विषय है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जानी चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को भाजपा का समर्थन
जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बुधवार को रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। भाजपा ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। पार्टी के कई नेता देर शाम जयपाल सिंह स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्रों की मांगों के प्रति समर्थन जताया।
सीआईडी कर रही मामले की जांच
जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच फिलहाल अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) कर रहा है। सरकार जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का इस्तीफा ले चुकी है। सीआईडी पिछले दो दिनों से उनसे पूछताछ कर रही है।
जांच एजेंसी अब तक इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में परीक्षा संचालन, एजेंसी की भूमिका और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
