मदर्स डे से पहले मां को मिला नया जीवन, आरपीएफ महिला सिपाही बनी फरिश्ता

Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की एक महिला सिपाही ने अपनी सतर्कता, बहादुरी और त्वरित सूझबूझ से एक महिला यात्री की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की। यह घटना मदर्स डे से ठीक पहले हुई, जब एक छोटे बच्चे के सामने उसकी मां की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। आरपीएफ की महिला कांस्टेबल साविता गारी ने बिना एक पल गंवाए महिला को मौत के मुंह से खींच लिया। रांची मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देश पर रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ जवान लगातार सतर्क ड्यूटी कर रहे हैं। इसी कड़ी में 9 मई 2026 को रांची रेलवे स्टेशन पर यह घटना सामने आई।
जल्दबाजी में चढ़ने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 18611 रांची-बनारस एक्सप्रेस स्टेशन से खुल रही थी। इसी दौरान एक यात्री अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ जल्दबाजी में ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच महिला यात्री का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गैप में गिर गई। महिला चलती ट्रेन के साथ घसीटने लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
महिला कांस्टेबल ने दिखाई बहादुरी
ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की महिला कांस्टेबल साविता गारी ने जैसे ही घटना देखी, तुरंत दौड़कर महिला को पकड़ लिया। उन्होंने पूरी मजबूती से महिला को थामे रखा और ट्रेन रुकने तक उसे सुरक्षित संभाले रखा। उनकी तत्परता और साहस की वजह से बड़ा हादसा टल गया और महिला यात्री की जान बच गई।
ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत बची जान
आरपीएफ की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत यह एक और सफल बचाव अभियान माना जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने महिला कांस्टेबल की सतर्कता और साहस की सराहना की है।
