एक करोड़ के अनाज घोटाले पर गिरी गाज, विधानसभा के चलते सत्र में सरकार ने किया निलंबित

Ranchi : झारखंड में गरीबों के लिए भेजे गए अनाज में गड़बड़ी के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। साहिबगंज जिले के पथना प्रखंड से जुड़े इस मामले में एक सहकारिता पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। यह मामला उस समय सामने आया जब विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
सदन में उठा था अनाज गबन का मामला
विधानसभा में चर्चा के दौरान आरोप लगाया गया कि आदिम जनजातियों के बीच वितरण के लिए भेजे गए खाद्यान्न का सही तरीके से वितरण नहीं किया गया। बताया गया कि करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के अनाज में गड़बड़ी हुई है। मामला सामने आने के बाद सरकार ने सदन में आश्वासन दिया था कि इसकी जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जांच में आरोप सही पाए गए
इसके बाद सहकारिता विभाग के सचिव को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद संबंधित सहकारिता पदाधिकारी को तुरंत निलंबित कर दिया गया। विधानसभा में जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
फिलहाल जामताड़ा में थे पदस्थापित
जानकारी के मुताबिक जिस पदाधिकारी पर कार्रवाई हुई है, वे फिलहाल जामताड़ा में सहकारिता पदाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। सरकार का कहना है कि गरीबों और आदिम जनजाति समुदाय के लिए भेजे गए अनाज में गड़बड़ी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
