सावन पुत्रदा एकादशी पर भक्ति और सेवा का संगम, 280वां अन्नपूर्णा महाप्रसाद संपन्न
श्री राधा रानी का दिव्य श्रृंगार और भजन संध्या बना आकर्षण, छह हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
रांची। सावन पुत्रदा एकादशी के पावन अवसर पर पुंदाग स्थित एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में 280वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया। ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में श्री राधा रानी का दिव्य श्रृंगार और भव्य भजन संध्या भी हुई। पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा और साधना का वातावरण रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर में विराजमान श्री राधा रानी के दिव्य श्रृंगार से हुई। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिर के पुजारी अरविंद पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्री राधा-कृष्ण को महाप्रसाद अर्पित किया। आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का वितरण शुरू हुआ।
ट्रस्ट की ओर से आयोजित अन्नपूर्णा सेवा में तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं को मसालेदार वेजिटेबल खिचड़ी, मैंगो जूस और आलू चिप्स के पैकेट वितरित किए गए। महाप्रसाद ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं ने सेवा कार्य की सराहना की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
भजन संध्या में ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। भक्ति संगीत से पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने सावन पुत्रदा एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन परंपरा में एकादशी आत्मशुद्धि, संयम, भक्ति और भगवान के प्रति समर्पण का पर्व है। सावन पुत्रदा एकादशी को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष महत्व वाला दिन माना जाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत-पूजन करने से आध्यात्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है।
संजय सर्राफ ने बताया कि सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। दिनभर में छह हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम में डूंगरमल अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, सुरेश चौधरी, विष्णु सोनी, संजय सर्राफ, मनीष सोनी, सुरेश भगत, पवन पोद्दार, ज्ञान प्रकाश शर्मा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
