Jharkhand High Court: लॉ ऑफिसर नियुक्ति नियमावली-2026 वैध, बोर्ड-निगम अपने वकील नियुक्त कर सकेंगे
रांची, 27 अक्टूबर: झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की झारखंड लॉ ऑफिसर नियुक्ति नियमावली-2026 को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने नियमावली को वैध ठहराते हुए इसे बरकरार रखा है।
अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के अधीन आने वाले बोर्ड और निगम अपनी जरूरत के अनुसार स्वतंत्र रूप से अधिवक्ताओं की नियुक्ति कर सकते हैं।
नियमावली को चुनौती देते हुए दायर हुई थी याचिका
दरअसल, अधिवक्ता लाल ज्ञान रंजन नाथ शाहदेव ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर लॉ ऑफिसर नियुक्ति नियमावली-2026 की वैधता को चुनौती दी थी।
याचिका में नियमावली के तहत लॉ ऑफिसरों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से नियमावली के कुछ प्रावधानों को विधिसम्मत नहीं बताते हुए उन्हें चुनौती दी गई थी।
सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला
इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रितु कुमार ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट की खंडपीठ ने पहले अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार की ओर से लागू लॉ ऑफिसर नियुक्ति नियमावली-2026 को बरकरार रखा।
बोर्ड और निगमों के लिए वकील नियुक्त करने की स्वतंत्रता
हाई कोर्ट के फैसले में बोर्ड और निगमों के अधिकार को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार के अधीन आने वाले बोर्ड और निगम अपनी जरूरत के अनुसार स्वतंत्र रूप से वकील नियुक्त कर सकते हैं।
इस फैसले से राज्य में लॉ ऑफिसरों की नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर चल रहा कानूनी विवाद फिलहाल समाप्त हो गया है।
